हवाई अड्डा प्रबंधन द्वारा कई बार सरकार को सूचित करने के उपरांत भी, विमानों के लिए संकटकारी मानी जा रही मस्जिद के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं हुई ।

कोलकाता (बंगाल) – कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में स्थित कई दशक पुरानी मस्जिद को हटाने के प्रयास तेज हो गए हैं । जिला प्रशासन तथा हवाई अड्डा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम ने मस्जिद स्थल का निरीक्षण किया । इसके पश्चात राज्य प्रशासन तथा मस्जिद समिति के प्रतिनिधियों के बीच एक महत्त्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में हवाई अड्डे की सुरक्षा की बात कहते हुए मस्जिद को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने पर बल दिया गया ।
यह १३६ वर्ष पुरानी ‘गौरीपुर जामे मस्जिद’ (जिसे ‘बांकरा मस्जिद’ भी कहा जाता है) कभी एक बडे निर्जन क्षेत्र में स्थित थी, परंतु हवाई अड्डे के लगातार विस्तार के कारण आज यह रनवे के बहुत पास एक संवेदनशील क्षेत्र में आ गई है ।
🔥 Years of Inaction Over!
Bankra Mosque inside Netaji Subhas Chandra Bose International Airport in Kolkata Finally Ordered to Be Removed
Despite repeated warnings from airport authorities that the structure posed a danger to aircraft operations, the government failed to act.… pic.twitter.com/Jmyw13REf0
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) May 24, 2026
विमानों की सुरक्षा के लिए बडा संकट
उत्तर २४ परगना जिला दंडाधिकारी कार्यालय में हुई बैठक में हवाई अड्डा अधिकारियों ने मानचित्र के माध्यम से समझाया कि मस्जिद के होने के कारण विमानों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर चुनौतियां तथा तकनीकी कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं । मस्जिद समिति की ओर से बैठक में उपस्थित पूर्व विधायक सिद्दीकुल्ला चौधरी ने कहा कि हम इस पर अकेले निर्णय नहीं ले सकते । आप बडे मुस्लिम संगठनों से संपर्क करें ।
इस संबंध में हवाई अड्डा निदेशक विक्रम सिंह ने कहा कि हवाई अड्डे के भीतर स्थित यह मस्जिद लंबे समय से विवाद का विषय रही है। इससे विमान यातायात में आनेवाली कठिनाइयों के बारे में हमने कई बार सरकार को सूचित किया है । इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई है तथा हमें उम्मीद है कि शीघ्र ही कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा ।
जांच के उपरांत नमाज पढनेवाले बस से जाते हैं
वर्तमान में दिन में ५ बार नमाज अदा करने के लिए १० से २५ स्थानीय मुसलमान यहां आते हैं । प्रवेश द्वार पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल उनकी कडी जांच करता है । इसके पश्चात उन्हें एक विशेष बस द्वारा रनवे पार कर मस्जिद तक ले जाया जाता है तथा नमाज के उपरांत वापस प्रवेश द्वार तक छोडा जाता है । शुक्रवार की नमाज के समय यह संख्या ८० तक पहुंच जाती है । (कितना यह अनावश्यक जटिल प्रबंध है, मुसलमानों के अत्यधिक तुष्टीकरण के कारण ही अब तक यह व्यवस्था चलने दी गई । अब यह मस्जिद हटाई ही जानी चाहिए, ऐसा किसी भी व्यावहारिक एवं राष्ट्रहित सोचनेवाले नागरिक को लगेगा – संपादक)
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