Pakistan Exposed : युद्ध में मध्यस्थता करते समय ही पाकिस्तान द्वारा ईरानी विमानों को शरण देने का खुलासा l

पाकिस्तान द्वारा अमेरिका के साथ विश्वासघात !


इस्लामाबाद (पाकिस्तान) – ईरान-अमेरिका युद्ध में मध्यस्थता करते समय पाकिस्तान ने ईरान के विमानों को अपने नूर खान वायुसेना अड्डे पर खडा करने की अनुमति दी थी । अमेरिका द्वारा इन विमानों को लक्ष्य न बनाया जाए, इसलिए पाकिस्तान ने ईरान की सहायता की थी, ऐसी जानकारी सामने आई है ।

१. अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रम्प के करीबी सहयोगी एवं रिपब्लिकन पार्टी के सांसद लिंडसे ग्रॅहम ने युद्ध रोकने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर पुनर्विचार करने की मांग की है । उन्होंने कहा कि इजराइल के संबंध में पाकिस्तानी रक्षा अधिकारियों के पुराने बयानों को देखते हुए यदि यह घटना सत्य है, तो उन्हें आश्चर्य नहीं होगा ।

२. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इन विमानों में ईरानी वायुसेना का एक ‘आर.सी – १३०’ विमान भी सम्मिलित था । इस विमान का उपयोग जासूसी तथा गुप्त जानकारी एकत्र करने के लिए किया जाता है । ईरान ने अफगानिस्तान में भी कुछ नागरिक विमान भेजे थे; यद्यपि उन विमानों में लडाकू विमान सम्मिलित थे या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका ।

३. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय पाकिस्तान ने कराची बंदरगाह से अपनी २ पनडुब्बियां ईरान सीमा के निकट भेजी थीं । भारतीय आक्रमणों से पनडुब्बियों को बचाने के लिए पाकिस्तान ने ऐसा किया था ।

पाकिस्तान ने आरोपों को अस्वीकार किया !

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को अस्वीकार करते हुए कहा कि ये विमान ईरान एवं अमेरिका से संबंधित राजनयिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों के थे, जो युद्धविराम वार्ता के समय वहां पहुंचे थे । इन विमानों की कोई सैन्य भूमिका नहीं थी । (पाकिस्तान चाहे जितना स्पष्टीकरण देने का प्रयास करे, उस पर कौन विश्वास करेगा ? – संपादक)

संपादकीय भूमिका

पाकिस्तान विश्वासघाती है, यह कोई नई बात नहीं है । इससे पहले भी पाकिस्तान अमेरिका के साथ विश्वासघात कर चुका है, फिर भी अमेरिका उसे संरक्षण देकर भारत का अप्रत्यक्ष विरोध करता रहा है । अमेरिका को इसका परिणाम भुगतना ही पडेगा !