Hindus Only Banner : हिन्दुओं के शक्तिपीठ कंकालीतला (बंगाल) में ‘केवल हिन्दुओं को प्रवेश’ वाला बोर्ड पुलिस ने हटाया l


कोलकाता – कंकालीतला मंदिर, जो हिन्दुओं के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है, उसके परिसर में ‘केवल हिन्दुओं को प्रवेश’ लिखे बोर्ड लगाए गए थे । यह जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के उपरांत विरोध आरंभ हुआ, जिसके चलते पुलिस ने ये बोर्ड हटा दिए ।

१. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने ये बोर्ड लगाए थे । उनका कहना था कि मंदिर की पवित्रता बनाए रखने और अन्य धर्मों के हस्तक्षेप को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया ।

२. इस घटना को लेकर मंदिर समिति ने चिंता व्यक्त की । समिति के एक सदस्य ने कहा, “कंकालीतला एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक केंद्र है, जहां सभी धर्मों के लोग श्रद्धा से आते हैं । इस प्रकार के बोर्ड लगाना मंदिर की परंपरा के विरुद्ध है ।” (इससे स्पष्ट होता है कि देवस्थान समिति के सदस्यों को भी धर्मशिक्षा की कितनी आवश्यकता है ! — संपादक)

३. प्रशासन ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया तथा पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर स्थिति का निरीक्षण किया । शांति भंग न हो तथा धार्मिक सौहार्द बना रहे, इसके लिए पुलिस ने ये बोर्ड हटाने की कार्रवाई आरंभ की ।

४. घटना के उपरांत क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है । जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने एवं शांति बनाए रखने की अपील की है । राजनीतिक स्तर पर भी इस घटना को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं । ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने घटना की निंदा की है, जबकि भाजपा ने इस विषय पर सतर्क मत अपनाया है ।

कंकालीतला शक्तिपीठ का महत्त्व

कंकालीतला मंदिर बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं पवित्र धार्मिक स्थल है । इसे हिन्दू धर्म के ५१ शक्तिपीठों में से एक माना जाता है । मान्यता है कि जब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के टुकडे किए थे, तब उनके शरीर का ‘कंकाल’ (कमर का भाग) इस स्थान पर गिरा था । यहां देवी की पूजा ‘देवगर्भा’ या ‘कंकाली’ नाम से की जाती है तथा भगवान शिव ‘रुरु भैरव’ के रूप में विराजमान हैं । इस मंदिर की सबसे विशेष बात यह है कि यहां किसी प्रकार की पत्थर की मूर्ति नहीं है । इसके स्थान पर एक पवित्र कुंड में स्थित शिलाखंडों की पूजा की जाती है ।

संपादकीय भूमिका

  • हिन्दुओं के शक्तिपीठों में गैर-हिन्दुओं का क्या काम ? जो गोमांस खाकर आते हैं, उन्हें हिन्दू मंदिरों में प्रवेश क्यों दिया जाए ? इसलिए यदि मंदिर परिसर में ऐसे बोर्ड लगाए गए, तो उसमें अनुचित क्या है ?
  • तत्परता से बोर्ड हटानेवाली पुलिस क्या हिन्दुओं को प्रताडित करनेवाले कट्टरपंथियों पर भी इतनी ही तत्परता से कार्रवाई करती है ?
  • अब बंगाल में भाजपा की सरकार आनेवाली है । इसलिए सरकार को राज्य के सभी मंदिरों के बाहर ऐसे बोर्ड लगाने के साथ ड्रेस कोड भी लागू करना चाहिए, ऐसा हिन्दुओं का मत है !