न्याय मिलने तक हमसे मिलने न आएं, दिखावटी मिलने से बचें । – नसरापुर (महाराष्ट्र) प्रकरण

  • नसरापूर की ४ वर्षीय मृत बच्ची के पिता का राजनेताओं से आग्रह ।

  • आरोपी को फांसी का दंड देने की मांग ।

(प्रतिकात्मक AI निर्मित चित्र)

पुणे – भोर तालुका के नसरापूर में ४ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी दर्दनाक हत्या कर दी गई । इस घटना के बाद कई राजनीतिक नेता पीडित परिवार से मिलकर सांत्वना दे रहे हैं । इसी बीच बच्ची के पिता ने किसी भी राजनीतिक नेता से न मिलने का निर्णय लिया है । उन्होंने कहा है कि जब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिलता, तब तक कोई भी राजनीतिक व्यक्ति हमारे परिवार से मिलने न आए ।

आरोपी भीमराव कांबले को ७ मई तक पुलिस निगरानी (हिरासत) में भेजा गया है ।

पीडिता के पिता ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि नेता आते हैं, फोटो खिंचवाते हैं तथा अपना राजनीतिक लाभ उठाते हैं, परन्तु वास्तव में न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते । इसलिए ऐसी दिखावटी मिलने की प्रक्रिया से बचा जाए । मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस घटना का गंभीर संज्ञान लिया है, वहीं उपमुख्यमंत्री शिंदे ने पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप गिल से फोन पर बातचीत की है ।

आरोपी ने अपराध स्वीकार किया ।

आरोपी ने बच्ची को “गोशाला में अभी जन्मे बछडे को दिखाता हूं” कहकर वहां ले गया । वहां उसके साथ दुष्कर्म किया एवं साक्ष्य मिटाने के लिए उसकी हत्या कर दी । प्रारंभिक जांच में आरोपी ने यह बात स्वीकार की है । पुलिस के अनुसार आरोपी की पहले से ही छोटी बच्चियों पर बुरी दृष्टि रहती थी ।

विशेष जांच दल (SIT) का गठन

इस घटना की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष जांच दल (SIT) बनाने की घोषणा की है, जिसमें ६ सदस्य होंगे । इन ६ सदस्यों में २ महिला पुलिस अधिकारी भी सम्मिलित होंगी ।

 

संपादकीय भूमिका

राजनेताओं पर जनता का विश्वास डगमगाया। इसका अर्थ यही है कि “राजनीतिक नेता सांत्वना देने नहीं, बल्कि प्रसिद्धि के लिए आते हैं”, ऐसी भावना जनता के मन में घर कर चुकी है । लोकतंत्र के रक्षकों से ही यदि जनता को ठेस पहुंच रही हो, तो इससे अधिक शर्मनाक बात क्या हो सकती है ।