मुंबई में मादक पदार्थ तस्करी को प्रोत्साहन देने वाले पाश्चात्य संगीत कार्यक्रमों की भरमार !

शिवडी स्थित कार्यक्रम को शासकीय तंत्र की अनुमति !

मुंबई, १९ अप्रैल ( वार्ता.) – विगत कुछ वर्षों में राज्य में मादक पदार्थों के विरुद्ध सर्वाधिक कार्यवाहियां मुंबई में हुई हैं । मुंबई में मादक पदार्थों की तस्करी का परिमाण अधिक होने तथा उसके विरुद्ध कार्यवाहियां निरंतर होने के पश्चात भी, दूसरी ओर मादक पदार्थों की तस्करी का जाल निर्मित करने वाले पाश्चात्य संगीत के कार्यक्रमों को भी अनुमति दी जा रही है । शिवडी ‘ इन्फिनिटी बे ’ में १८ अप्रैल के दिन पाश्चात्य संगीत का कार्यक्रम आयोजित किया गया था । ‘ डीजे ’ ( वृहद ध्वनि-विस्तारक यंत्र ) पर गीतों के लिए प्रसिद्ध ‘ कैल्विन हैरिस ’ ने यह कार्यक्रम प्रस्तुत किया । ‘ बुक माई शो ’ नामक ऐप के माध्यम से कार्यक्रम के प्रवेश-पत्रों ( टिकटों ) का विक्रय किया गया । ४ सहस्र रुपयों से अधिक इसका शुल्क था ।

गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में निकट भूतकाल में हुए ‘ लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट ’ ( पाश्चात्य संगीत पर आधारित भव्य संगीत कार्यक्रम ) में मादक पदार्थों के अतिसेवन के कारण २ विद्यार्थियों की मृत्यु हुई थी । इस कार्यक्रम के कारण मादक पदार्थों का एक बडा तंत्र उजागर हुआ है तथा पुलिस ने इस प्रकरण में ६ व्यक्तियों को बंदी भी बनाया है । ऐसी परिस्थिति में भी मादक पदार्थों की तस्करी का जाल निर्मित करने वाले कार्यक्रम को शिवडी में अनुमति प्रदान की गई । गोरेगांव में विद्यार्थियों की मृत्यु के कारण सरकार पर विरोधी पक्षों द्वारा बड़े स्तर पर आलोचना की गई थी । इस पृष्ठभूमि पर शिवडी के ‘ कैल्विन हैरिस ’ के कार्यक्रम में मद्यपान निषेध किया गया था । कार्यक्रम में सम्मिलित हुए युवा वर्ग ने इस निर्णय के विषय में सामाजिक माध्यमों ( सोशल मीडिया ) द्वारा असंतोष व्यक्त किया । इससे ऐसे कार्यक्रमों का स्वरूप स्पष्ट होता है ।

शिवडी में दिसंबर २०२५ में मादक पदार्थों की तस्करी एवं सेवन के लिए कुख्यात ‘ सनबर्न महोत्सव ’ आयोजित किया गया था । समाज के कुछ जागरूक संगठनों ने इसका विरोध भी किया; परंतु विरोध की उपेक्षा करते हुए सरकार का कर ( टैक्स ) चुराने वाले सनबर्न महोत्सव के लिए मार्ग प्रशस्त किया गया । एक ओर मादक पदार्थ विरोधी कार्यवाही तथा दूसरी ओर मादक पदार्थों की तस्करी के लिए उत्तरदायी ऐसे पाश्चात्य संगीत कार्यक्रमों को अनुमति, इस विसंगति के विषय में राष्ट्रप्रेमी नागरिकों द्वारा अप्रसन्नता व्यक्त की जा रही है ।

कलंबोली ( जिला रायगढ ) के कार्यक्रम को अनुमति नकारी गई !

इसी प्रकार का एक कार्यक्रम २५ अप्रैल के दिन कलंबोली के सेक्टर १७ में भी आयोजित किया गया है । स्थानीय नागरिकों द्वारा किए गए विरोध के कारण सिडको ने इस कार्यक्रम को अनुमति देने से मना कर दिया है, ऐसा संज्ञान में आया है । ‘ पुलिस इस कार्यक्रम को अनुमति न दे ’, ऐसा अभिप्राय गृह विभाग को सूचित किया गया है । इस आधार पर कार्यक्रम की अनुमति अस्वीकार कर दी गई है ।

संपादकीय भूमिका

एक ओर मादक पदार्थ विरोधी अभियान को तीव्र करना तथा दूसरी ओर मादक पदार्थों की तस्करी का जाल निर्मित करने वाले कार्यक्रमों को अनुमति देना, क्या यह विरोधाभास नहीं है ?