(और इनकी सुनिए…) ‘वारकरी संप्रदाय सनातन धर्म से अलग है !’ – Vikas Lavande NCP

  • राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार गुट के प्रवक्ता का बयान !

  • वारकरी संप्रदाय के २० ‘प्रतिगामी महाराजाओं’ के नाम किए घोषित !

राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार गुट के प्रवक्ता विकास लवांडे

मुंबई – ‘वारकरी संप्रदाय सनातन धर्म से पृथक है’, ऐसा प्रलाप करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार गुट के प्रवक्ता विकास लवांडे ने वारकरी संप्रदाय में सनातन धर्म का कार्य करने वाले वारकरियों को धर्मांध सिद्ध करने का प्रयास किया है । विकास लवांडे ने ऐसे २० व्यक्तियों के नाम घोषित किए हैं । इस सूची में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष प.पू. स्वामी गोविंद देवगिरी महाराज, वारकरी संप्रदाय के भीष्माचार्य माने जाने वाले बंडातात्या कराडकर, राष्ट्रीय कीर्तनकार चारूदत्त आफळे, वरिष्ठ कीर्तनकार ह.भ.प. प्रकाश महाराज जवंजाळ आदि धर्मधुरिंदरों का सम्मिलित है ।

राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पक्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद शरद पवार ने निकट भविष्य में ही वक्तव्य दिया था कि ‘वारकरी संप्रदाय में ६० प्रतिशत हिन्दुत्वनिष्ठ प्रविष्ट हो गए हैं । इस कारण वारकरी संप्रदाय में धर्मांधता बढ रही है’ ।

विकास लवांडे ने आधारहीन आलोचना करते हुए कहा, ‘संत नामदेव महाराज ने सर्वप्रथम भगवे रंग की पताका हाथ में ली तथा संत ज्ञानेश्वर महाराज ने प्रथम ग्रंथ दिया । सनातन धर्म के अधिष्ठान तथा ग्रंथ भिन्न हैं । वारकरी विचार किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं करता । वर्तमान में वारकरी संप्रदाय को समाप्त करने के लिए उत्तर भारत से प्रदीप शर्मा, कालीचरण महाराज, धीरेंद्र शास्त्री एवं स्वामी आनंद स्वरूप जैसे लोग आ रहे हैं’ ।

(और इनकी सुनिए…) ‘कीर्तनकार स्पष्ट रूप से भाजपा का प्रचार करते दिखाई दे रहे हैं !’ – लवांडे

इस अवसर पर विकास लवांडे ने आरोप लगाया कि ‘भाजपा की आध्यात्मिक आघाडी के नेता तुषार भोसले ने निर्वाचन (चुनाव) से पूर्व आलंदी में बैठक कर कीर्तनकारों-महाराजों को भाजपा एवं हिन्दुत्व के आधार पर प्रचार करने के लिए कहा । इसके लिए धन के पाकिट (लिफाफे) भी वितरित किए गए । इसी कारण कीर्तनकार स्पष्ट रूप से भाजपा का प्रचार करते दिखाई दे रहे हैं’ ।

संपादकीय भूमिका

  • सनातन, अर्थात हिन्दू धर्म का ‘भगवद्गीता’ प्रमुख धर्मग्रंथ है । उसी पर आधारित संत ज्ञानेश्वर महाराज ने ज्ञानेश्वरी लिखी है । संत एकनाथ महाराज का ‘एकनाथी भागवत’, संत तुकाराम महाराज, संत नामदेव महाराज आदि संतों द्वारा रचित सहस्रों अभंगों का सार सनातन धर्म की भक्ति परंपरा ही है !
  • शरद पवार गुट जातिवाद की राजनीति करना नहीं छोड़ रहा है; परंतु हिन्दुओं में फूट डालने का षड्यंत्र अब अधिक समय तक नहीं चलेगा, यह शरद पवार गुट तथा उनके प्रवक्ता विकास लवांडे जान लें !
  • सहस्रों वारकरी ही नहीं, अपितु समस्त हिन्दू जिनका आदर करते हैं, ऐसे हिन्दुओं के संतों तथा ह.भ.प. (हरिभक्त परायण) महानुभावों को प्रतिगामी सिद्ध करने का अधिकार शरद पवार गुट को किसने दिया ?