
शिलांग (मेघालय) – राजधानी शिलांग के लोअर लुम्पारिंग क्षेत्र में खासी छात्र संगठन ने १४ अप्रैल २०२६ को कथित रूप से अवैध रूप से निर्मित एक मस्जिद को बंद कर दिया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई । अनेक नागरिकों ने संगठन की इस कार्यवाही का समर्थन किया है तथा अवैध निर्माण हटाकर शांतिपूर्ण एवं कानूनी समाधान निकालने की आवश्यकता पर बल दिया है ।
Khasi Students’ Union shuts down illegal mosque in Shillong (Meghalaya).
If the administration fails to act, isn't such a public outrage justified ? One should not be surprised if this starts happening everywhere in the country
PC: @thenepost pic.twitter.com/sjqpRcDzZ3
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) April 16, 2026
छात्र संगठन का कहना है कि मस्जिद का निर्माण स्थानीय प्रशासन की अनुमति के बिना किया गया था तथा इसकी जानकारी स्थानीय संस्थाओं को भी नहीं थी । संगठन के अनुसार यह भूमि मूलतः श्मशानभूमि की देखरेख करने वाले चौकीदार के निवास हेतु प्रदान की गई थी, जिस पर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण कर दिया गया ।
प्रशासन की नोटिस के पश्चात भी नहीं हुई कार्यवाही !
संगठन के अनुसार स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्माण हटाने के लिए नोटिस प्रस्तुत की गई थी, किंतु उसके पश्चात भी कोई कार्यवाही नहीं की गई । इसके पश्चात संगठन को हस्तक्षेप करना पडा तथा मस्जिद को बंद किया गया । संगठन ने मस्जिद के इमाम (जो मस्जिद में नमाज का नेतृत्व करते हैं) को तत्काल स्थान खाली करने के लिए कहा है । उनका कहना है कि वहां उनका रहना उचित नहीं है तथा उस स्थान पर धार्मिक गतिविधियां नहीं की जानी चाहिए । संगठन का यह भी कहना है कि मेघालय के आदिवासी क्षेत्रों में लागू कानूनों तथा परंपराओं का कठोरता से पालन होना चाहिए ।
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