कश्मीर सीमा के समीप ७० आतंकवादी ‘लॉन्च पैड’ सक्रिय
(लॉन्च पैड का अर्थ है प्रशिक्षित आतंकवादियों को भारत में घुसपैठ के लिए एकत्रित होने का स्थान)

नई दिल्ली — गुप्तचर की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की कुख्यात गुप्तचर संस्था आई.एस.आई. (इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस) एवं उसकी सेना ने नियंत्रण रेखा एवं अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगभग ७० आतंकवादी ‘लॉन्च पैड’ पुन: से सक्रिय कर दिए हैं । इन स्थानों पर लगभग ८०० आतंकवादी घुसपैठ के लिए प्रतीक्षारत हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढने की आशंका व्यक्त की जा रही है ।
🚨 800 Pakistani terrorists reportedly prepared to infiltrate India
⚠️ Around 70 terror launch pads said to be active near the Kashmir border.
⚠️ A Pakistani MP has also claimed that ‘Hamas’ members are being trained in Pakistan’s military institutions.
If Israel were in… pic.twitter.com/CpO6RYooQY
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) April 16, 2026
पाकिस्तानी सैन्य संस्थानों में ‘हमास’ से संबद्ध आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ! – पाक सांसद ने ही यह तथ्य उजागर किया ।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के सांसद मुशाहिद हुसैन सैयद ने सूचित किया है कि पाकिस्तान के सैन्य संस्थानों में ‘हमास’ से संबंद्ध आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है । विशेष रूप से ‘पाकिस्तान नेवी वॉर कॉलेज’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने वहां हमास से जुडे लोगों से मिलने की बात कही ।
गुप्तचर सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों ने इस बार भारत में घुसपैठ के लिए नई रणनीति बनाई है । इसके अंतर्गत आतंकवादियों को छोटे-छोटे समूहों में बांटकर जम्मू-कश्मीर के विभिन्न भागों से एक साथ भारत में घुसाने की तैयारी है । प्रत्येक समूह में लगभग १० से १५ प्रशिक्षित एवं शस्त्रसज्ज आतंकवादी हो सकते हैं । इस रणनीति का उद्देश्य एक साथ कई स्थानों पर गतिविधि बढाकर भारतीय सुरक्षा बलों पर दबाव बनाना है । पाकिस्तान द्वारा प्रथम बार ही सार्वजनिक रूप से हमास से संबद्ध तत्वों को प्रशिक्षण देने की बात स्वीकार की गई है ।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के उपरांत बंद हो गए थे ‘लॉन्च पैड’ !
मार्च २०२६ में ‘अमेरिकी कांग्रेस रिसर्च सर्विस’ के प्रतिवेदन में भी पाकिस्तान को ‘भारत विरोधी आतंकवादी संगठनों का केंद्र’ बताया गया है । यह अवधि मई २०२५ में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के उपरांत की है, जिसमें २२ अप्रैल २०२५ को पहलगाम आक्रमण के प्रत्युत्तर में पाकिस्तान एवं पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में ९ आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई की गई थी । उस कार्रवाई के उपरांत कुछ समय के लिए लॉन्च पैड हटा दिए गए थे या भीतरी क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिए गए थे; यद्यपि २०२५ के अंत एवं २०२५ के प्रारंभ में उन्हें पुन: से सक्रिय कर दिया गया ।
खाडी क्षेत्र की स्थिति का लाभ उठाने का प्रयास !
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान का उद्देश्य खाडी क्षेत्र की तनावपूर्ण स्थिति का लाभ उठाना है । ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के उपरांत उसकी असफलता के कारण आतंकवादी संगठनों द्वारा आई.एस.आई. पर जम्मू-कश्मीर में ठोस कार्रवाई के लिए दबाव बढा है । इसके कारण आतंकवादियों की संख्या में वृद्धि मानी जा रही है । गत अनेक महीनों में कश्मीर के उरी, नौशेरा, राजौरी एवं सुंदरबनी क्षेत्रों में घुसपैठ के कई प्रयासों को सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया है ।
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