
वाराणसी (उत्तर प्रदेश) – ‘फिल्म केवल प्रस्तुतीकरण नहीं, अपितु समाज को दिशा देनेवाला एक माध्यम है । युवा पीढी के सामने जैसी फिल्में रखी जाती हैं, वह वैसे ही आदर्श स्वीकार करती है । इसलिए निर्माता, निर्देशक एवं कलाकारों को राष्ट्र को प्रेरित करनेवाली फिल्में बनानी चाहिए । यदि किसी डकैत को नायक के रूप में दिखाया गया, तो युवा पीढी उसे ही अपना आदर्श मानेगी । डकैतों को नायक के रूप में प्रस्तुत न करें’, ऐसा आवाहन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां किया । वे यहां सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित ‘महानाट्य’ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए थे । इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी उपस्थित थे ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘धुरंधर २’ का अप्रत्यक्ष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि नए भारत में समाज ने ‘डकैतों’ को अस्वीकार कर दिया है । वर्तमान में चल रही फिल्में इसका उदाहरण हैं कि जनता उन्हें कैसी प्रतिक्रिया दे रही है । परंतु एक समय ऐसा था, जब अच्छे व्यक्तियों को खलनायक एवं खलनायकों को नायक के रूप में दिखाया जाता था । इसके परिणामस्वरूप पीढियां बिगड गईं ।
Corporate Jihad : पीडित युवतियों को दिखाए जा रहे थे जाकिर नाइक तथा पाकिस्तानी मौलवी तारिक जमील के वीडियो !
दूध तथा दुग्धजन्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध प्राथमिकता से की जाएगी कार्रवाई !
बदायूं (उत्तर प्रदेश) में मुसलमान अधिकारी द्वारा धार्मिक उत्पीडन के कारण हिन्दू पुलिस निरीक्षक ने आत्महत्या की
विसर्जित श्रीगणेशमूर्तियों के ‘पीओपी’ से बनाई जाएंगी चौकियां (बेंच), ईंटें तथा सुशोभन की वस्तुएं !
नागपुर में मानसिक तनाव के कारण ‘नीट’ परीक्षार्थी छात्रा ने की आत्महत्या
(और इनकी सुनिए …) ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’ ये सभी मूर्खतापूर्ण बातें – Abu Azmi