US Iran Talks : आश्वासन तोडनेवाले अमेरिका पर बिल्कुल विश्वास नहीं ! – बातचीत से पहले ईरान का वक्तव्य

अमेरिका के  राष्ट्राध्यक्ष डॉनल्ड ट्रम्प और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची

इस्लामाबाद (पाकिस्तान) – अमेरिका ने बार-बार अपने दिए गए आश्वासन तोडे हैं तथा कूटनीतिक संबंधों को क्षति पहुंचाई है । इसी कारण ईरान को उस पर विश्वास नहीं है, ऐसा बयान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वेडफुल के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत में दिया । अराघची ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल को वर्तमान में चल रही वार्ता पर भी विश्वास नहीं है । ईरानी जनता के हितों एवं अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार पूरी ताकत से संघर्ष करेगी ।

१. दूसरी ओर, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका एवं ईरान के प्रतिनिधिमंडल पहुंच चुके हैं तथा उनके बीच शाम को वार्ता आरंभ होनेवाली है ।

२. अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं, जबकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ कर रहे हैं ।

३. इस्लामाबाद पहुंचने के उपरांत गालिबाफ ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा की । उसमें विमान की सीट पर ४ बच्चों की तस्वीरें, उनके खून से सने स्कूल बैग, जूते एवं फूल दिखाई दे रहे हैं ।

४. २८ फरवरी को युद्ध के पहले दिन, ईरान के मिनाब शहर की एक प्राथमिक स्कूल पर हुए आक्रमण में बच्चों एवं स्कूल कर्मचारियों सहित १६८ लोग मारे गए ।

महत्त्वपूर्ण घटनाक्रम

१. शांति समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका फिर ईरान पर आक्रमण करेगा। – डॉनल्ड ट्रम्प

२. बातचीत से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है, परंतु ईरान अमेरिका का लाभ न उठाए । – जेडी वेंस

३. लेबनान एवं इजरायल के बीच युद्धविराम वार्ता १४ अप्रैल से आरंभ होगी ।

‘अमेरिका फर्स्ट’ अच्छा, ‘इजरायल फर्स्ट’ खराब ! – ईरान

ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रझा आरिफ ने कहा है कि इस्लामाबाद में चल रही बातचीत का परिणाम अमेरिका की प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा । यदि अमेरिकी प्रतिनिधि ‘अमेरिका फर्स्ट’ के हितों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो पारस्परिक लाभ का समझौता संभव है; परंतु यदि अमेरिका ‘इजरायल फर्स्ट’ नीति को आगे बढाता है, तो कोई समझौता संभव नहीं होगा । ऐसी स्थिति में ईरान और अधिक दृढता से अपना बचाव करता रहेगा । इसका प्रभाव पूरे विश्व पर पडेगा और इसकी कीमत भी अधिक होगी ।

अमेरिका कतर एवं विदेशी बैंकों में रखी ईरान की संपत्ति लौटाएगा

अमेरिका ने कतर एवं अन्य विदेशी बैंकों में रखी ईरान की संपत्ति को जारी करने पर सहमति जताई है । अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान की अरबों डॉलर की संपत्ति विभिन्न देशों में फंसी हुई है । इससे पहले लगभग ६ अरब डॉलर (करीब ५ लाख ७० सहस्र करोड रुपये) की राशि कतर में रखी गई थी तथा ईरान को उसे प्राप्त करने से रोका गया था ।