भारत में अवैध रूप से रहने के लिए हिन्दू साथी ने की सहायता

हरिद्वार (उत्तराखंड) – यहां पुलिस ने बांग्लादेशी महिला सालेहा बेगम एवं उसके सहयोगी श्यामदास को बंदी बना लिया है । संबंधित महिला अपनी असली पहचान छिपाकर ‘श्रुति’ नाम से रह रही थी । सालेहा बेगम ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था तथा नकली प्रमाणपत्र के आधार पर भारतीय पासपोर्ट भी प्राप्त कर लिया था । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार, सालेहा वर्ष २०२३ में बांग्लादेश से भारत आई थी । उसे भारत में रहने के लिए उसके प्रेमी श्यामदास ने सहायता की ।
१. सालेहा बेगम की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ के श्यामदास से हुई थी । उसने अपने पहले पति को छोडकर दिल्ली में श्यामदास के साथ रहना आरंभ किया । वीजा (किसी देश में प्रवेश की अनुमति देनेवाला आधिकारिक दस्तावेज या मुहर) की समय सीमा समाप्त होने के उपरांत भी वह देश में अवैध रूप से रहती रही तथा बाद में दोनों हरिद्वार में जाकर बस गए ।
२. दोनों ने मिलकर अवैध तरीके से पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस तथा अन्य भारतीय पहचान पत्र बनवाए । इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने विवाह प्रमाण पत्र एवं भारतीय पासपोर्ट भी प्राप्त किया । (बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारतीय पहचान पत्र कैसे मिल जाते हैं ? प्रशासन में उपस्थित राष्ट्रविरोधी तत्वों को कडा दंड मिलना चाहिए ! – संपादक)
३. पुलिस द्वारा की गई जांच के समय महिला का मूल बांग्लादेशी पासपोर्ट एवं पहचान पत्र अधिग्रहित किया गया । दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है तथा इस फर्जीवाडे में सम्मिलित अन्य लोगों को ढूंढना जारी है ।
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