गोवा राज्य में पहली ही बार एक दिवसीय पैदल वारी !

  • ४०० से अधिक वारकरी एवं धर्मप्रेमी हिन्दू उपस्थित

  • वारी (पैदल तीर्थयात्रा) का प्रमुख आकर्षण रहा संत सोहिरोबानाथजी का चित्ररथ !

संत सोहिरोबानाथजी का चित्ररथ

फोंडा, २९ मार्च (संवाददाता) – गोवा राज्य में पहली बार ही एक दिवसीय पैदल वारी का आयोजन किया गया था । प्रसिद्ध वक्ता ह.भ.प. सुहासबुवा वझे के आशीर्वाद से तथा उनके तत्त्वावधान में इस वारी का आयोजन किया गया था । इस वारी में ४०० से अधिक वारकरी तथा धर्मप्रेमी हिन्दू उपस्थित थे । ‘देवकीकृष्ण वारकरी मंडल, माशेल’ एवं ‘गोमंतक कीर्तन विद्यालय’ की ओर से संयुक्तरूप से इस वारी का आयोजन किया गया था ।

मार्गस्थ वारी

इस अवसर पर लेखिका श्रीमती ज्योति कुंकळकर ने कहा, ‘‘अध्यात्म अच्छा मनुष्य बनने की शिक्षा देता है । मंदिरों से अच्छे संस्कार दिए जाने चाहिए ।’’ श्री गणपति मंदिर के अध्यक्ष श्री. नवनाथ खांडेपारकर ने बताया, ‘‘वारकरी संप्रदाय के कारण हिन्दू संस्कृति का संवर्धन हो रहा है ।’’

ह.भ.प. सुहासबुवा वझे

इस अवसर पर ह.भ.प. सुहासबुवा वझे ने उपस्थित लोगों से बच्चों को मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा देने का आवाहन किया । यह वारी आगे जाकर बेतकी खांडोळा मार्ग से विभिन्न मंदिरों में जाकर सायंकाल को श्री अनंत देवस्थान, सावईवेरे पहुंची ।

इस वारी में संत सोहिरोबानाथ के नाम से चित्ररथ बनाया गया था । इस चित्ररथ में श्री विठ्ठल-रुक्मिणी देवताओं की प्रतिमा का पूजन किया गया था । प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया ।

श्री अनंत देवस्थान, सावईवेरे में हुआ वारी का समापन

सनातन हिन्दू धर्म ही वास्तविक सर्वसमावेशी धर्म है ! – डॉ. मनोज कामत, प्राचार्य, धेंपो वाणिज्यिक महाविद्यालय

डॉ. मनोज कामत

सवेरे ८ बजे श्री देवकीकृष्ण मंदिर, माशेल से वारी का आरंभ हुआ । यह वारी अल्पाहार के लिए श्री गणपति मंदिर, खांडोळा में रूकी । इस अवसर पर आयोजित उद्बोधक कार्यक्रम में ‘धेंपो कॉमर्स महाविद्यालय’के प्राचार्य डॉ. मनोज कामत ने कहा, ‘‘सनातन हिन्दू धर्म ही वास्तविक सर्वसमावेशी धर्म है, इस पर हम सभी को गर्व होना चाहिए । वारकरियों की वारी गांव-गांव से गुजरती है, उससे समाज संगठित रहने में सहायता मिलती है । प्रतिदिन हमें अपने निकट के मंदिर में जाना चाहिए; क्योंकि मंदिर लोगों के लिए ही हैं । ’’

गोवा में वारी जैसे समष्टि कार्यक्रम निरंतर होना समय की मांग ! – विक्रम डोंगरे, उपसंपादक, ‘सनातन प्रभात’ प्रसारमाध्यम

श्री. विक्रम डोंगरे

‘सनातन प्रभात’ प्रसारमाध्यम समूह के उपसंपादक श्री. विक्रम डोंगरे ने कहा,

गोवा तीर्थस्थल है । यहां के सर्वांगसुंदर मंदिर हमारी संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं । यहां की मिट्टी चैतन्य एवं सात्त्विकता से ओतप्रोत है । आज हमने ह.भ.प. सुहासबुवा वझेगुरुजी के आशीर्वाद से तथा उनके तत्त्वावधान में इस पैदल वारी की परंपरा आरंभ की है । ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों से तथा समष्टि उपासना से ही हिन्दू संस्कृति सांस ले सकती है तथा वृद्धिंगत हो सकती है ।

वारकरियों को हिन्दुओं में शौर्य का जागरण करना चाहिए ! – सत्यविजय नाईक, गोवा राज्य हिन्दू संगठक, हिन्दू जनजागृति समिति

श्री. सत्यविजय नाईक

हिन्दू जनजागृति समिति के गोवा राज्य हिन्दू संगठक श्री. सत्यविजय नाईक ने कहा,

‘‘भारत को ८०० वर्ष पुरानी वारकरी परंपरा प्राप्त हुई है । अनेक संतों ने हिन्दू समाज को जागृत करने के लिए वारी के माध्यम से बडा कार्य किया है । हम सभी को काल के अनुसार समष्टि साधना करनी चाहिए । हिन्दुओं में शौर्य का जागरण करना चाहिए । वर्तमान समय में संपूर्ण विश्व में युद्धजन्य स्थिति है । ऐसी स्थिति में भारत में रहकर शत्रुराष्ट्र का गुणगान करनेवाले क्या कभी भारत के पक्ष में खडे रहेंगे ?, यह प्रश्न है । आनेवाले समय में यदि ऐसे लोगों ने गृहयुद्ध छेडा, तो क्या हमारा हिन्दू समाज उसका सामना करने के लिए तैयार है ?, इस पर हमें विचार करना चाहिए । वारी के माध्यम से समाज में बडे स्तर पर जागृति लाने की आवश्यकता है ।’’

संपादकीय भूमिका

गोवा राज्य में इसप्रकार के प्रशंसनीय धार्मिक उपक्रमों का आयोजन करना समय की मांग है । इससे हिन्दू संगठन को तो बल मिलता ही है; परंतु इसके अतिरिक्त गोवा मौज करने का स्थान नहीं है, अपितु गोवा राष्ट्र एवं धर्म के उत्थान के विचार प्रसारित करनेवाला ‘तीर्थस्थल’ है, यह विचार समाज में प्रसृत होने में सहायता मिलती है, इसे ध्यान में लें !