‘भूमि सुपोषण अभियान’में समाज के सभी घटक सम्मिलित हों ! – केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराजसिंह चौहान

अमळनेर (महाराष्ट्र) के श्री मंगलग्रह मंदिर से राष्ट्रीय आंदोलन का हुआ शुभारंभ !

अमळनेर – चैत्र शुद्ध प्रतिपदा के दिन अर्थात गुढीपडवे के दिन सभी की जीवनदायिनी भूमिमाता का जन्मदिवस होता है । इस मंगल दिवस पर श्री मंगलग्रह मंदिर से ‘भूमि सुपोषण राष्ट्रीय अभियान’का शुभारंभ हो रहा है, इसका मन से आनंद है । यह अभियान पूरे देश में चलाया जाएगा, अतः सभी समाजघटक इस अभियान में भाग लें  किसानभाई अन्नदाता भूमि को माता मानकर जैविक खेती करें, ऐसा आवाहन केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने किया ।

केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराजसिंह चौहान को भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा भेंट करते हुए श्री. सुनील घनवट

अक्षय कृषि परिवार एवं मंगलग्रह सेवा संस्था के संयुक्त आयोजन के अंतर्गत १९ मार्च को श्री मंगलग्रह मंदिर से आरंभ ‘भूमि सुपोषण’, इस राष्ट्रीय अभियान के शुभारंभ के अवसर पर वे ऐसा बोल रहे थे । इस अवसर पर शंकराचार्य स्वामी नृसिंह विजयेंद्र सरस्वती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय कार्यवाह बाळासाहेब चौधरी, पद्मश्री डॉ. सुभाष शर्मा, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ मंदिर महासंघ के संयोजक सुनील घनवट, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भागैय्याजी, अक्षय कृषि परिवार के अध्यक्ष मनोजभाई सोलंकी, उपाध्यक्ष डॉ. गजानन डांगे, युवा कल्याण एवं केंद्रीय खेल राज्यमंत्री श्रीमती रक्षा खडसे, जिले के प्रभारीमंत्री गुलाबराव पाटिल, जलसंपत्ति एवं व्यवस्थापनमंत्री गिरीश महाजन, जलगांव की सांसद स्मिताताई वाघ, विधायक अनिलदादा पाटिल एवं मंगलग्रह सेवा संस्था के अध्यक्ष डॉ. दिगंबर पाटिल व्यासपीठ पर उपस्थित थे ।

१७ सहस्र मंदिर सामाजिक कार्य में योगदान दे रहे हैं ! – सुनील घनवट

इस अवसर पर श्री. सुनील घनवट ने कहा कि श्री मंगलग्रह मंदिर से भूमि सुपोषण राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ हो रहा है, इस पर मुझे गर्व है । अब केवल जलगांव अथवा महाराष्ट्र राज्य में ही नहीं, अपितु पूरे देश में इसका प्रचार एवं प्रसार होगा । भारत का यह पहला मंदिर है, जहां वस्त्रसंहिता (मंदिर में प्रवेश करते समय पहनने आवश्यक कपडों के संदर्भ में नियमावली) लागू हुई है ।

राज्य के १७ सहस्र मंदिर सामाजिक कार्याें में योगदान दे रहे हैं । भूमि सुपोषण के लिए हमारे मन में कृतज्ञता का भाव आवश्यक है । वर्तमान समय में रासायनिक ऊर्वरकों के उपयोग के कारण भूमि बंजर हो रहीह ै । हम अच्छी फसल उगा नहीं सकते; इसलिए प्रत्येक किसान रासायनिक ऊर्वरकों का उपयोग करना बंद करे तथा भूमि का पूजन कर भूमि सुपोषण का संकल्प ले । इस अभियान में सभी सम्मिलित हों । प्रत्येक व्यक्ति ने इसमें योगदान दिया, तो सभी को इसका लाभ मिलेगा ।

‘भूमि सुपोषण अभियान’ क्या है ?

सरकार के ‘भूमि सुपोषण अभियान’ के अंतर्गत भूमि की ऊपजाऊ क्षमता बढाना, मिट्टी का स्वास्थ्य सुधारना तथा शाश्वत खेती को गति देने के लिए प्रयास किए जाते हैं ।

श्री मंगलग्रह मंदिर बना देश का पहला ‘एआई मंदिर !

अमलनेर स्थित श्री मंगलग्रह मंदिर (सौजन्य : महाराष्ट्र टाइम्स)

अमळनेर की श्री मंगलग्रह सेवायेथील मंगळग्रह सेवा संस्था द्वारा संचालित श्री मंगलग्रह मंदिर अब देश का प्रथम ‘एआई’(कृत्रिम बुद्धिमत्ता) मंदिर बन गया है । केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराजसिंह चौहान के हस्तों एआई प्रणाली का लोकार्पण किया गया । इस अवसर पर एआई तंत्र तंत्रज्ञ तुषार भारंबे, डॉ. युवराज परदेशी, चेतन गिरनार एवं श्री मंगलग्रह सेवा संस्था के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे ।