भारतीयों के खून बहाने के लिए इस धन का उपयोग संभव है ! – Sunil Gavaskar

​इंग्लैंड में आयोजित स्पर्धा हेतु पाकिस्तानी खिलाडी खरीदने पर सुनील गावस्कर का काव्या मारन के दल पर आक्रोश

सुनील गावस्कर, अबरार अहमद एवं काव्या मारन

​मुंबई – इंग्लैंड में ‘द हंड्रेड’ क्रिकेट स्पर्धा के खिलाडी नीलामी में ‘सनराइजर्स लीड्स’ दल ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को २ करोड ३४ लाख रुपयों में क्रय किया । सनराइजर्स लीड्स दल के स्वामित्व अधिकार ‘सन ग्रुप’ के पास हैं । यही समूह भारतीय प्रीमियर लीग (IPL) की ‘सनराइजर्स हैदराबाद’ टीम का भी स्वामी है, इसीलिए इस निर्णय की तीव्र भर्त्सना हो रही है । ‘सनराइजर्स हैदराबाद’ की स्वामिनी (मालकिन) काव्या मारन हैं । ‘भारत-पाकिस्तान तनाव की पृष्ठभूमि पर ऐसा निर्णय क्यों लिया गया ?’, यह प्रश्न अनेक लोगों ने उठाया है । भारत के पूर्व क्रिकेट खिलाडी सुनील गावस्कर ने भी इस पर अपनी आपत्ति व्यक्त की है । गावस्कर ने अपने लेख में उल्लेख किया कि भारतीय स्वामित्व वाले दल द्वारा पाकिस्तानी खिलाडी को दिया गया धन कर (टैक्स) के रूप में पाकिस्तान सरकार के पास जा सकता है तथा उसका उपयोग शस्त्रास्त्रों के क्रय हेतु किया जा सकता है । अतः इस धन का उपयोग अप्रत्यक्ष रूप से भारतीयों के विरुद्ध होने की संभावना है, ऐसा उन्होंने स्पष्ट किया ।

​आतंकवादी आक्रमणों के कारण भारतीय जनता की भावनाएं अत्यंत संवेदनशील हैं !

​गावस्कर ने आगे लिखा है कि भारत-पाकिस्तान संबंधों की विगत कुछ वर्षों की घटनाओं पर विचार करें तो जनमानस में तीव्र प्रतिक्रिया आना स्वाभाविक है । वर्ष २००८ के मुंबई आतंकवादी आक्रमण के पश्चात पाकिस्तानी खिलाडियों को आई.पी.एल. में स्थान नहीं दिया गया है । तत्पश्चात वर्ष २०१९ के पुलवामा आक्रमण एवं वर्ष २०२५ के पहलगाम आक्रमण जैसी घटनाओं के कारण भारतीय जनता की भावनाएं और अधिक संवेदनशील हो गई हैं ।

​स्पर्धा में विजय प्राप्त करना क्या भारतीय प्राणों से अधिक महत्वपूर्ण है ?

​’सनराइजर्स लीड्स’ के प्रशिक्षक डेनियल विटोरी को कदाचित इस संवेदनशीलता का भान न हो; परंतु भारतीय स्वामियों को परिस्थिति पर विचार करना चाहिए था, ऐसा गावस्कर ने लिखा । भारतीय स्वामी अप्रत्यक्ष रूप से ऐसी व्यवस्था को वित्तपोषित कर रहे हैं, जिससे भारतीय सैनिकों तथा नागरिकों के जीवन के लिए संकट उत्पन्न हो सकता है । विश्व के बहुत कम देशों के खिलाडियों वाली स्पर्धा में विजय प्राप्त करना क्या भारतीय प्राणों से अधिक महत्वपूर्ण है ?, यह प्रश्न भी गावस्कर ने किया ।

​संपादकीय भूमिका

भारतीय स्वामित्व वाले दल ने पाकिस्तानी खिलाडी को क्रय कर कोटि-कोटि नागरिकों के घावों पर नमक छिडका है । ऐसे पाक-प्रेमियों पर सरकार द्वारा कठोर कार्रवाई आवश्यक है !