नासिक में ३ सहस्त्र ९५४ करोड रुपये के बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं को गति ।

  • सिंहस्थ कुंभ मेला २०२७ 

  • ‘रिंग रोड’ बनने से यातायात जाम कम होगा ।

(रिंग रोड अर्थात शहर के चारों ओर वृत्ताकार पद्धति से बनाया गया मार्ग)

नासिक – यहां आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभपर्व २०२७ के लिए शहर की आधारभूत परियोजनाओं को गति मिली है । ६९.१५ किलोमीटर लंबे ‘नासिक रिंग रोड’ के नगरी निर्माण के लिए ३ सहस्त्र ९५४ करोड रुपये के व्यय को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है । डॉ. प्रवीण गेडाम की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया । इस परियोजना से शहर में होने वाली यातायात जाम की समस्या कम होगी एवं सिंहस्थ कुंभपर्व के समय यातायात सुगम बनाने में सहायता मिलेगी ।

१. प्रस्तावित रिंग रोड‘डी.आर्.डी.ओ. जंक्शन’ नासिक से प्रारंभ होकर शहर को घेरते हुए पुनः उसी राजमार्ग से जोडा जाएगा । यह ४ से ६ लेन का मार्ग होगा, जिसमें ५ बडे पुल, २ रेलवे ओवरब्रिज तथा ८ वाहन अंडरपास होंगे ।

(अंडरपास – मुख्य मार्ग के नीचे से जाने का रास्ता)

२. यात्रियों की सुविधाओं एवं आधारभूत व्यवस्था के लिए १९० करोड रुपये से अधिक की निधि स्वीकृत की गई है । रामकुंड नासिक तथा त्र्यंबकेश्वर स्थित कुशावर्त तीर्थ में ध्वजस्तंभ स्थापित करने के लिए, साथ ही ब्रम्हगिरी पर्वत पर प्रदक्षिणा मार्ग के विकास तथा अंजनेरी में ‘इको-टूरिज्म’ (पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन) परियोजना सहित अन्य योजनाओं के लिए भी निधि प्रदान की गई है ।