वास्तविकता बताने वाले ‘ऑप इंडिया’ का चलचित्र (वीडियो) ‘मेटा’ ने हटाया !

  • कश्मीरी मुस्लिम महिला पत्रकार को देहली में किराये पर आवास न मिलने के कारण ‘बीबीसी’ द्वारा ‘इस्लामोफोबिया’ का आरोप

  • ‘मेटा’ द्वारा हटाया गया चलचित्र ‘ऑपइंडिया’ द्वारा ‘एक्स’ पर प्रसारित !

( ‘इस्लामोफोबिया’ अर्थात् इस्लामद्वेष )

कश्मीर की मुस्लिम महिला पत्रकार गफिरा कादिर

नई देहली – कश्मीर की मुस्लिम महिला पत्रकार गफिरा कादिर को देहली में रहने के लिए किराये पर आवास नहीं मिल रहा था । इसे कथित ‘इस्लामोफोबिया’ (इस्लामद्वेष) कहते हुए हिन्दूद्वेषी तथा भारतद्वेषी ‘बीबीसी’ ने उस विषय में एक चलचित्र प्रसारित किया । इस चलचित्र में दर्शाई गई स्थिति की अपेक्षा प्रत्यक्ष वस्तुस्थिति भिन्न है, इसकी सूचना देने वाला दूसरा चलचित्र ‘ऑप इंडिया’ नामक हिन्दुत्वनिष्ठ वृत्तसंस्था (समाचार एजेंसी) ने फेसबुक पर प्रसारित किया; परंतु फेसबुक का संचालन करने वाले ‘मेटा’ प्रतिष्ठान ने ‘ऑपइंडिया’ का चलचित्र ‘हिंसाचार का समर्थन करने वाला है’, ऐसा कारण देते हुए उसे फेसबुक से हटा दिया । ‘मेटा’ द्वारा हटाया गया यह चलचित्र ‘ऑपइंडिया’ ने ‘एक्स’ पर प्रसारित किया है ।

‘बीबीसी’ के चलचित्र में क्या है ?

‘बीबीसी’ के चलचित्र में ‘देहली में कार्य करने वाले कश्मीर के मुस्लिम विद्यार्थियों तथा व्यवसायियों को देहली में किराये पर आवास नहीं मिलते’, ऐसा दावा किया गया है । इसके लिए ‘इस्लामोफोबिया’ को उत्तरदायी बताया गया है ।

‘ऑपइंडिया’ के चलचित्र में क्या है ?

‘ऑपइंडिया’ के चलचित्र में पूछा गया था कि, कादिर अथवा ‘बीबीसी’ ने ‘देहली के लोग कुछ व्यक्तियों को सदनिका (फ्लैट) किराये पर देने में क्यों संकोच कर रहे हैं ?’ यह खोजने का प्रयास क्यों नहीं किया ? कुछ मास पूर्व अल्-फलाह विश्वविद्यालय के एक चिकित्सक ने राजधानी देहली के मध्य में स्थित लाल किले के समीप आत्मघाती आक्रमण किया था, क्या ‘बीबीसी’ यह भूल गई ? इसमें लगभग एक दर्जन लोग मारे गए थे तथा ५० से अधिक लोग घायल हुए थे । इसी प्रकार के अन्य आक्रमणों की योजना भी उसने तथा उसके साथियों ने बनाई थी । विस्फोट करने वाले तथा षड्यंत्र रचने वाले सभी लोग देहली से कुछ ही दूरी पर किराये पर रह रहे थे । देहली के भवन स्वामियों को अपनी संपत्ति किराये पर देने के विषय में चिंता करने के कुछ वैध कारण हो सकते हैं ।

फेसबुक ने कुछ ही क्षणों में ‘ऑप इंडिया’ का चलचित्र हटा दिया !

१ . ‘ऑप इंडिया’ ने यह चलचित्र ९ मार्च को प्रातः १०.३० बजे ‘मेटा’ के फेसबुक पर प्रसारित किया; परंतु कुछ ही क्षणों में ‘मेटा’ ने ‘इस चलचित्र पर प्रतिबंध लगा दिया गया है’, ऐसी सूचना भेजकर उसे हटा दिया ।

२ . ‘मेटा’ ने कहा है कि, ‘हम आतंकवादी आक्रमण का उदात्तीकरण (महिमामंडन) करने, लोगों के विशिष्ट समूह के विरुद्ध हिंसाचार का समर्थन करने तथा मानव तस्करी जैसे हानिकारक आपराधिक कृत्यों को समर्थन देने अथवा प्रोत्साहन देने की अनुमति नहीं देते’ । (‘मेटा’ को ‘ऑपइंडिया’ के चलचित्र में इनमें से क्या दिखाई दिया ? क्या यह हिन्दुओं की अभिव्यक्ति का हनन नहीं है ? कुछ वर्ष पूर्व भी ‘मेटा’ ने हिन्दुत्वनिष्ठ प्रसारमाध्यम ‘सनातन प्रभात’ का पृष्ठ बिना किसी कारण के हटाकर इसी प्रकार गला घोंटने का कार्य किया था ! – संपादक)

संपादकीय भूमिका 

  • कश्मीरी मुस्लिम महिला को देहली में किराये पर आवास न मिलने के विषय में विलाप करने वाली ‘बीबीसी’ मुस्लिमों द्वारा कश्मीर से ४.५ लाख हिन्दुओं को उनके निवास स्थानों से विस्थापित किए जाने के विषय में एक शब्द भी नहीं बोलती, यह ध्यान में रखें !
  • अन्य समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दंभ भरने वाली ‘बीबीसी’ की वास्तविक स्थिति दिखाने वाले चलचित्र पर प्रतिबंध लगाकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन कर रही है ! इससे यह सिद्ध होता है कि ‘बीबीसी’ की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की परिभाषा ही दोहरी है !
  • विश्व में भारत की नकारात्मक छवि बनाने वाली ‘बीबीसी’ पर सरकार प्रतिबंध क्यों नहीं लगाती ?