T20 Betting Scam : ‘टी-२०’ विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता के अंतिम मैच के लिए १० सहस्र करोड रुपए का सट्टा लगाए जाने के प्रकरण की जांच करें !

  • ‘सुराज्य अभियान’की मांग !

  • नागपुर एवं गोवा में दी गई शिकायतों को ‘सुराज्य अभियान’ ने दिया समर्थन !

नागपुर/पणजी, ८ मार्च (संवाददाता) : कर्णावती (गुजरात) में भारत एवं न्यूजीलैंड के मध्य होनेवाले ‘टी-२०’ विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता के अंतिम मैच की पृष्ठभूमि पर देश में १० सहस्र करोड रुपए का सट्टा लगा है । ‘हाइ-टेक’ एप्स एवं ‘ऑफशोअर सर्वर’ (किसी देश के बाहर स्थित डेटा सेंटर में रखा हुआ सर्वर) के माध्यम से यह घोटाला किया जाता है । इसके विरोध में रायबंदर, पणजी के एक जागरूक नागरिक श्री. दिलीप शेट्ये ने पणजी पुलिस आयुक्त एवं पुलिस महानिदेशक से लिखित शिकायत की है । नागपुर के एक जागरूक नागरिक ने भी ई-मेल के द्वारा शिकायत प्रविष्ट की है । हिन्दू जनजागृति समिति के ‘सुराज्य अभियान’ने इन शिकायतों का सार्वजनिकरूप से समर्थन दिया है । सुराज्य अभियान ने इस प्रकरण की विशेष अन्वेषण दल के द्वारा उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की है ।

इस संदर्भ में ‘सुराज्य अभियाना’ने कहा कि,

१. कुछ प्रमुख समाचारपत्रों में प्रकाशित सट्टेबाजी से संबंधित समाचारों का जनहित याचिका (सुमोटो) के माध्यम से संज्ञान लेकर पुलिस प्रशासन को तत्परता से कार्रवाई करनी चाहिए थी ।

२. इतने बडे स्तर पर चलनेवाली सट्टेबाजी भारत की वैश्विक प्रतिमा को धूमिल करनेवाली है । इसके कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की अपकीर्ति हो रही है, साथ ही भारतीय क्रिकेट की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिन्ह उठ रहा है ।

३. क्रिकेट प्रतियोगिता के उपलक्ष्य में बडे स्तर पर सट्टा एवं जुआ चलता है । इसे चलानेवाले कुछ विशिष्ट लोग होते हैं तथा अन्वेषण संस्थाओं को भी इसकी जानकारी होती है । अनेक सट्टेबाजों को पकडे जाने के समाचार आते हैं; परंतु पुनः सट्टाबाजार चलता ही रहता है । इसे किसका संरक्षण है ?, इसकी जांच होनी चाहिए । इसमें संलिप्त छोटी मछलियों के स्थान पर बडी मछलियों को पकडना अत्यंत आवश्यक है ।

सुराज्य अभियान द्वारा सट्टेबाजी पर नियंत्रण रखने के बताए गए उपाय !

१. १० सहस्र करोड की बडी धनराशि को ध्यान में लेते हुए पुलिस संबंधित प्रसारमाध्यमों से संपर्क कर इस जानकारी के स्रोत की पडताल करें तथा सट्टेबाजों के नियंत्रण कक्ष ध्वस्त करे । जब्त की गई धनराशि का उपयोग जनहितकारी योजनाओं के लिए किया जाए ।

२. केंद्र सरकार द्वारा पारित ‘ऑनलान गेमिंग कानून २०२५’के अनुसार कार्रवाई होने चाहिए, जिसमें अवैध सट्टेबाजी में सहायता करना जमानत के लिए अयोग्य अपराध है ।

३. प्रवर्तन निदेशालय एवं साइबर सेल हवाला मार्ग (अरब राष्ट्रों एवं दक्षिण एशियाई देशों के द्वारा पैसों का लेनदेन करने के लिए उपयोग की जानेवाली विशिष्ट प्रणाली) तथा डिजिटल पेमेंट के मार्ग बंद करें ।

४. स्थानिक बुकी (सट्टा दलाल) एवं अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट (गिरोह) के मध्य के संबंधों जांच करने के लिए राज्यस्तर पर ‘विशेष अन्वेषण दल’ का तत्काल गठन किया जाए ।

५. पूरे विश्व में भारत की तथा क्रिकेट की अपकीर्ति न हो; इसके लिए मैच के समाप्त होने से पूर्व ही इस जाल पर देश के अंदर सर्जिकल स्ट्राईक होना आवश्यक है । प्रशासनिक पारदर्शिता एवं राष्ट्री हित की दृष्टि से सुराज्य अभियान इस प्रकरण की समीक्षा करता रहेगा ।