किरणोत्सर्ग होने की संभावना के कारण शहरों को खाली कराने की स्थिति

तेहरान (ईरान) – जिन उद्देश्यों के कारण अमेरिका एवं इजरायल ने ईरान पर आक्रमण किया, उनमें से एक उद्देश्य पूरा होने की स्थिति दिखाई दे रही है । इस आक्रमण में ईरान के नतांज परमाणु परियोजना को बडी क्षति पहुंचने की जानकारी ईरान की ओर दी गई है तथा ईरान की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा विभाग के (‘इंटरनैशनल एटोमिक एजर्नी एजेंसी’ के) राजदूतों ने इसकी पुष्टि की है । उन्होंने बताया कि इस आक्रमण से होनेवाली गंभीर परिणामों को हम अस्वीकार नहीं कर सकते । इससे बडे शहरों को खाली कराय जा सकता है । वर्तमान स्थिति बहुत ही गंभीर है । पिछले वर्ष जून में इजरायल एवं अमेरिका ने इसी परमाणु परियोजना पर आक्रमण कर उसे ध्वस्त करने का दावा किया था; परंतु उसके कुछ दिन उपरांत यह स्पष्ट हुआ कि भूमि से १०० फीट गहराई पर स्थित इस परियोजना को क्षति नहीं पहुंची थी । उसके कारण अब का आक्रमण पहले से और तीव्र कर उसे नष्ट करने की बात कही जा रही है । बताया जा रहा है कि इसके परिणामस्वरूप ईरान का परमाणु बम बनाने का सपना टूट गया है ।
दूसरी ओर ईरान के द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य का मार्ग बंद किए जाने से यहां से होनेवाले तेल का यातायात बंद हुआ है । यह मार्ग भारत में तेल यातायात करनेवाली नौकाओं के लिए भी महत्त्वपूर्ण मार्ग है ।
🚨 West Asia on Edge: War Escalates Rapidly
“Attacks on Iran will continue until our goals are met,” says Donald Trump.
Claims: 9 Iranian warships sunk. UK, France & Germany to assist the U.S.
Major Developments:
▪️ Iran-backed groups – Hamas, Hezbollah, Houthis – attack U.S.… https://t.co/863oBQbqvj pic.twitter.com/3Ao4isfJyU— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) March 2, 2026
प्रमुख गतिविधियां
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हमारा लक्ष्य पूरा होने तक ईरान पर आक्रमण जारी रहेंगे ! – ट्रम्प का पुनरुच्चार

अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष डॉनल्ड ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका की ओर से लक्ष्य पूरा होने तक ईरान पर आक्रमण जारी रहने की घोषणा की है । जिन शक्तियों ने मानवीय सभ्यता के विरुद्ध युद्ध घोषित किया है, उन्हें अमेरिका दंडित करके रहेगा । ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ एवं सेना ने आक्रमण बंद नहीं किए, तो आप और जनहानि की तैयारी रखें ।
ईरान की ९ युद्धनौकाओं को डुबो देने का ट्रम्प का दावा
ट्रम्प ने ईरान की नौसेना की ९ युद्धनौकाओं को डुबोने का दावा किया । उन्होंने आगे कहा कि शेष युद्धनौकाओं की खोज जारी है तथा उन्हेंन भी नष्ट किया जाएगा ।
फ्रांस एवं ब्रिटेन के सैन्य शिविरों पर आक्रमण
ईरान ने साइप्रस देश में स्थित (इजरायल की उत्तर की दिशा में स्थित देश) ब्रिटिश वायु दल के शिविर पर ड्रोन से आक्रमण किया । साइप्रस के राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रिटिशी वायु दल के अक्ट्राटिरी शिविर पर ड्रोन से आक्रमण किया गया है । यह शिविर ब्रिटेन के सबसे महत्त्वपूर्ण सैन्य संपत्तियों में से एक है । प्रादेशिक सुरक्षा की दृष्टि से उसे अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जाता है ।
दूसरी ओर ईरान ने संयुक्त अरब अमिराति के अबुधाबी स्थित फ्रांस की नौसेना के शिविर पर भी आक्रमण किया ।
ब्रिटेन, फ्रांस एवं जर्मनी अमेरिका की सहायता करेंगे
ईरान द्वारा ब्रिटेन एवं फ्रांस के सैन्य शिविरों पर आक्रमण किए जाने के उपरांत इन देशों ने, साथ ही जर्मनी ने ईरान पर किए जा रहे आक्रमणों में अमेरिका की सहायता करने की घोषणा की है । दूसरी ओर ‘नाटो’की ओर से भी इस आक्रमण में अमेरिका के पक्ष में उतरने की घोषणा की गई है ।
भारतीयों को सुरक्षितरूप से बाहर निकालेंगे ! – प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खाडी देशों की स्थिति चिंता का विषय है । भारत वहां के भारतीय नागरिकों को सुरक्षितरूप से बाहर निकालेगा । हम संवाद के द्वारा इस समस्या का समाधान करने के पक्ष में हैं ।
प्रधानमंत्री मोदी ने नेतान्याहू से दूरभाष पर बातचीत की ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने १ मार्च की रात को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू से दूरभाष पर संपर्क कर बातचीत की । इस विषय में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’पर जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान प्रदेशों की स्थिति पर बातचीत करने हेतु प्रधानमंत्री नेतान्याहू से दूरभाष पर संवाद किया । इस समय उन्होंने हाल की गतिविधियों के विषय में भारत की चिंता से उन्हें अवगत कराया तथा नागरिकों की सुरक्षितता को प्रधानता देने पर बल दिया । इसके साथ ही संघर्ष शीघ्र समाप्त करने की आवश्यकता पुनः एक बार रेखांकित की ।
संयुक्त अरब अमिरात के अध्यक्षों से भी संपर्क
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमिरात के अध्यक्ष शेख मोहम्मद बिन झाएद अल नाह्यान को दूरभाष कर संवाद किया । ‘एक्स’पर दी गई जानकारी में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस संवाद में संयुक्त अरब अमिरात पर किए गए आक्रमण की कडे शब्दों में निंदा की तथा इन आक्रमणों में हुई जनहानि के विषय में संवेदनाएं व्यक्त कीं । इस कठिन काल में भारत संयुक्त अरब अमिरात के साथ खडा है ।
विदेशमंत्री जयशंकर ने ४ देशों के विदेशमंत्रियों से बातचीत की ।
भारत के विदेशमंत्री डॉ. एस्. जयशंकर ने २८ फरवरी को इजरायल एवं ईरान के विदेशमंत्रियों से बातचीत कर तनाव अल्प करने के लिए बातचीत एवं राजनैतिक पद्धतियां अपनाने के आवाहन का पुनरुच्चार किया । इसके उपरांत १ मार्च को एस्. जयशंकर ने संयुक्त अरब अमिरात, कतर, कुवैत एवं बहरीन के विदेशमंत्रियों से दूरभाष पर बातचीत की । इस बातचीत में श्री. जयशंकर ने इस प्रदेश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षितता पर ध्यान देने के सूत्र पर बल दिया ।
खाडी देशों में रहते हैं ९० लाख भारतीय !
ईरान में १० सहस्र भारतीय नागरिक रहते हैं, इजरायल में ४० सहस्र, जबकि खाडी देश एवं पश्चिम एशिया में रहनेवाले नागरिकों की संख्या लगभग ९० लाख के आसपास है । भारत ने इससे पूर्व के युद्ध के समय पश्चिम एशियासहित भिन्न-भिन्न देशों से भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाला है । वर्तमान में भारतीय दूतावास वहां के भारतीय नागरिकों के संपर्क में है ।
कच्चे तेल के मूल्य में १० प्रतिशत वृद्धि
अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के कारण २ मार्च को शेयर बाजार नीचे जा रहा है । उसी समय सोना एवं चांदी के मूल्यों में वृद्धि हो रही है । कच्चे तेल का मूल्य १० प्रतिशत बढकर प्रति बैरल ७९ डॉलर तक (७ सहस्र २२० रुपए तक) पहुंच गया है । विशेषज्ञों का यह दावा है कि यदि यह तनाव और बढता है, तो तेल के मूल्य प्रति बैरल १२० डॉलर तक (१० सहस्र ९९६ रुपए तक) पहुंच सकते हैं । इसका परिणाम भारत में पेट्रोल एवं डिजल के मूल्यों पर हो सकता है । देहली में पेट्रोल प्रति लिटर ९५ रुपए से १०० रुपए तक बढ सकता है । डिजल ८८ रुपए से ९२ रुपए तक बढ सकता है । अन्य शहरों में भी इसीप्रकार से मूल्य बढने की संभावना है ।
कुवैत ने अज्ञानवश ३ अमेरिकी विमान गिराए
अमेरिका की सेना ने कहा है कि कुवैत ने अज्ञातवश ३ अमेरिकी ‘एफ्-१५’ युद्धक विमान गिराए हैं ।
अमेरिका ने पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का किया उपयोग ! – ईरान का आरोप
ईरान पर आक्रमण करने के लिए अमेरिका पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग कर रहा है, ऐसा आरोप ईरान ने लगाया है ।
– मुसलमान क्षुब्ध होंगे; इसलिए ईरान पर आक्रमण हेतु ब्रिटेन के द्वीप के उपयोग करने की ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की मनाही ! – ट्रम्प का आरोप
अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने दावा किया है कि ब्रिटेन ने हिन्द महासागर के मॉरिशस के पास स्थित ब्रिटेन के द्वीप डियागो गार्सियो का उपयोग ईरान पर आक्रमण करने देने से मना किया है । आगे उन्होंने आरोप किया कि ‘ब्रिटेन के मुसलमान क्षुब्ध होंगे; इसलिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने (किर स्टार्मर ने) डियागो गार्सियो टापू का अमेरिका को उपयोग करने देने से मना किया है ।’
हमें हिन्दू धर्म के प्रति घृणा के विरोध में दृढतापूर्वक खडा होना चाहिए ! – US Congressman Sanford Bishop
Resolution Over Iran War : ईरान के विरुद्ध सैन्य कार्यवाही रोकने वाला प्रस्ताव अमेरिका की संसद के उच्च सदन में पारित
Indus Water Treaty Crisis : सिंधु जल-वितरण करार को लेकर पाकिस्तान ने कश्मीर सीमा पर ३५ ड्रोन-रोधी यूनिट नियुक्त किए !
Religious Conversion Love Jihad : पिछले २४ घंटों में सामने आईं लव जिहाद की ४, जबकि धर्मांतरण की २ घटनाएं ।
Obesity Among Children : यूरोपीय देशों की भांति भारत के बच्चों में बढ रहा है मोटापे का संकट ।
(और इनकी सुनिए…) ‘मानवाधिकारों का उल्लंघन होने पर भारत की आलोचना करने से पीछे नहीं हटेंगे !’ – US Lawmakers