Pakistan–Afghanistan war : डॉनल्ड ट्रम्प ने किया पाकिस्तान का समर्थन !

पाकिस्तान-अफगानिस्तान का युद्ध

वॉशिंग्टन डीसी (अमेरिका) – अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान के मध्य युद्ध आरंभ होने से लेकर अब तक दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे के सैनिकों को मार देने के दावे किए जा रहे हैं । पाकिस्तान ने काबूल, कंदाहार एवं पक्तिया इन स्थानों पर किए गए हवाई आक्रमण में अफगानिस्तान के २७० से अधिक सैनिकों के मारे जाने का, जबकि अफगानिस्तान ने उसके द्वार किए गए आक्रमण में पाकिस्तान के ७० से अधिक सैनिकों के मारे जाने का दावा किया । इस पृष्ठभूमि पर अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष डॉनल्ड ट्रम्प ने इस युद्ध को रोकने के स्थान पर तालिबान पर किए गए आक्रमण के लिए पाकिस्तान का समर्थन किया है ।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री एवं सेनाप्रमुख के साथ मेरे अच्छे संबंध ! – ट्रम्प

पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान के मध्य चल रहे युद्ध पर एक पाकिस्तानी पत्रकार ने ट्रम्प की पत्रकार वार्ता में प्रश्न पूछा । उस पर ट्रम्प ने कहा कि मैं इसमें मध्यस्थता कर सकता हूं; परंतु आपको यह ज्ञात है कि पाकिस्तान के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं । वहां एक अच्छे प्रधानमंत्री हैं । उनका सेनाप्रमुख भी अच्छा है । मैं उन दोनों का भी सम्मान करता हूं । पाकिस्तान अच्छा काम कर रहा है । पाकिस्तान को तालिबान के आक्रमणों से स्वयं की रक्षा करने का अधिकार है ।, ऐसा भी ट्रम्प ने कहा ।

(और इनकी सुनिए …) ‘पाकिस्तान को तालिबान के आक्रमणों से स्वयं की रक्षा का अधिकार !’ – अमेरिका

अमेरिका के सचिव एलिसन हूकर ने पाकिस्तान की विदेश सचिव आमना बलोच से दूरभाष पर बातचीत कर उनका पाकिस्तान को समर्थन होने का स्पष्ट किया । उन्होंने कहा कि हम स्थिति पर ध्यान रखे हुए हैं । तालिबान के आक्रमणों से स्वयं की रक्षा करने का पाकिस्तान के अधिकार का हम समर्थन करते हैं ।

अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान इन देशों में रहनेवाले अमेरिकी नागरिकों के लिए मार्गदर्शक निर्देश प्रसारित किए जानेवाले हैं । इन दोनों देशों में रहनेवाले अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने का सुझाव दिया गया है ।

संपादकीय भूमिका 

  • इससे ट्रम्प की दोहरी नीति सामने आती है ! विश्व में हो रहे ८ युद्ध रोककर शांति स्थापित करने के कथित दावे कर नोबेल पुरस्कार की मांग करनेवाले ट्रम्प युद्धखोर एवं आतंकियों के समर्थक हैं, यह इससे स्पष्ट होता है !
  • इससे भारत एवं पाकिस्ता के मध्य के युद्ध में भारत से मार खानेवाले पाकिस्तान को बचाने के लिए क्या अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाकर युद्ध रोकने पर बाध्य किया था?, यह संदेह उत्पन्न होता है !