(डिजिटल अरेस्ट का अर्थ है किसी व्यक्ति को पुन:-पुन: चलचित्र दूरभाष कर, स्वयं को अधिकारी बताकर आर्थिक ठगी करना)

मुंबई, २४ फरवरी (वार्ता) – ‘डिजिटल अरेस्ट’ के पीछे एक बडी संगठित यंत्रणा कार्यरत है । जैसे ही किसी खाते में पैसा आता है, उसे त्वरित सहस्त्रों अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया जाता है । यह पूरी व्यवस्था विदेश से संचालित की जा रही है । भारत में इस कार्य को प्रभावी करने वालों को भी इस विदेशी अंतंर्जाल के संचालकों की पूरी जानकारी नहीं है । यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने २४ फरवरी को विधानसभा में दी । समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के माध्यम से बढती ठगी की घटनाओं को रोकने संबंधी तारांकित प्रश्न सदन में उठाया था । उसके उत्तर में मुख्यमंत्री ने उपरोक्त जानकारी दी ।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आभासी बंदीकरण (डिजिटल अरेस्ट) पूर्णरूप से मिथ्या है । इससे संबंधित कोई कानून या नियम अस्तित्व में नहीं है; तथा सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी भी इस ठगी का शिकार हुए हैं ।” (आगे चलकर ठगी के नित नूतन पद्धतियों पर केंद्र एवं राज्य सरकारों को सतर्क रहकर समय पर प्रभावी उपाय करने चाहिए, ऐसी समाज हितैषी नागरिकों की अपेक्षा है । – संपादक)
🚨 ‘Digital Arrest’ Is a Scam, Govt Sounds Alarm!
“There is no such thing as a digital arrest. A big system is working behind these frauds, even from abroad,” warns Maharashtra CM Devendra Fadnavis during the state Budget Session.
📊 Maharashtra reported 145 major cybercrime… pic.twitter.com/lg3Ie7N3X7
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) February 24, 2026
ठगी कैसे की जाती है ?
दूरभाष चलचित्र के माध्यम से सामने वाला व्यक्ति स्वयं को पुलिस अधिकारी बताता है एवं कहता है कि संबंधित व्यक्ति के नाम से एक ‘पार्सल’ मिला है, जिसमें मादक पदार्थ पाए गए हैं । इसके उपरांत में उसका आभासी बंदीकरण (डिजिटल अरेस्ट) किए जाने की बात कहकर उसी स्थान पर रुकने के लिए कहा जाता है । इस तथाकथित बंदीकरण से बचने के लिए लाखों रुपये की मांग की जाती है । जैसे ही पैसे भेजे जाते हैं, जिस खाते में राशि पहुंचती है, वहां से त्वरित अन्य खातों में स्थानांतरित कर दी जाती है । इसके लिए एक बडी संगठित व्यवस्था कार्यरत है, ऐसी जानकारी मुख्यमंत्री ने सदन में दी ।
वरिष्ठ नागरिकों को बनाया जा रहा है लक्ष्य ! – योगेश कदम, गृह राज्य मंत्री
आभासी बंदीकरण (डिजिटल अरेस्ट) के प्रति जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण है । इस प्रकार की ठगी में विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को लक्ष्य बनाया जा रहा है । यदि ऐसी कोई ठगी होती है तो त्वरित १९३० सहायता क्रमांक पर सूचना प्रविष्ट कराएं । मुंबई पुलिस इस विषय में जनजागरण कर रही है ।
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