बांदा (उत्तर प्रदेश) – यहां के विशेष पॉक्सो न्यायालय ने राम भवन (आयु ४८ वर्ष) एवं उसकी पत्नी दुर्गावती (आयु ४५ वर्ष) को छोटे बालकों के लैंगिक शोषण अथवा उनसे संबंधित अश्लील सामग्री ऑनलाईन प्रसारित करने के कारण में मृत्युदण्ड सुनाया है । राम भवन उत्तरप्रदेश सिंचाई विभाग में निलम्बित कनिष्ठ अभियन्ता है ।
UP POCSO Court awards death penalty to a couple who abused 33 children over a decade (2010–2020) in Banda & Chitrakoot, producing and selling obscene content online.
₹10 lakh compensation ordered for each victim.
For crimes against children, the strictest punishment is not… pic.twitter.com/j5CW05fRqW— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) February 21, 2026
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि , राम भवन ने बांदा , चित्रकूट एवं निकट के क्षेत्रों में पिछले दशक से बालकों का लैंगिक शोषण किया एवं न्यूनतम ५० अल्पायु बालकों को लक्ष्य किया । इस कृत्य के ३४ चलचित्र एवं ६७८ छायाचित्र सामाजिक माध्यमों से प्रसारित किए , साथ ही अश्लील जालस्थलों को बेचे । उसके निवास स्थान पर की गई खोज में नकद धनराशि , लैपटॉप , एक वेब कैमरा , पेन ड्राइव एवं मेमोरी कार्ड सहित इलेक्ट्रॉनिक भण्डारण उपकरण तथा अन्य अपराधी सामग्री जप्त की गई ।
सीबीआई ने कहा था कि आरोपी के ईमेल खातों के कि जांच में दिखाई दिया कि , वह बाल लैंगिक शोषण सामग्री प्रसारित करने के उद्देश्य से भारतीय एवं विदेशी नागरिकों सहित अनेक व्यक्तियों के साथ नियमित सम्पर्क में था ।
संपादकीय भूमिकाऐसे प्रत्येक अपराधी को मृत्युदण्ड ही होना आवश्यक हो गया है ! |

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