Coaching Centre Insulting Marathi : नाशिक में मराठी भाषा का अपमान करने वाले निजी शिक्षण संस्थान से मनसे ने मांगा उत्तर !

  •  परप्रांतीय शिक्षक ने मराठी को ‘गंवार’ कहकर तिरस्कृत किया !

  • ५ व्यक्तियों पर अभियोग पंजीकृत !

नाशिक – शरणपुर मार्ग स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान में परप्रांतीय शिक्षकों ने मराठी भाषा का अपमान किया । यहां के एक शिक्षक पर आरोप है कि उन्होंने विद्यार्थियों को डपटते हुए कहा, ‘मराठी में नहीं पढाऊंगा । यदि पढना है, तो हिंदी में ही पढो’ । मराठी में पढाने से मना करते हुए शिक्षकों ने मराठी भाषा को ‘गावठी’ (गंवार) कहकर संबोधित किया । संबंधित घटना की सूचना मिलते ही मनसे कार्यकर्ताओं ने शिक्षण संस्थान में जाकर प्रबंधन से उत्तर मांगा तथा मराठी बोलने का विरोध करने वाली दुष्प्रवृत्तियों का निषेध किया ।

इस विवाद के समय मारपीट तथा कोलाहल होने का आरोप लगाते हुए शिक्षण संस्थान के प्रबंधक ने पुलिस स्थानक (स्टेशन) में परिवाद (शिकायत) की । मनसे कार्यकर्ताओं ने ७ दिवस के भीतर परप्रांतीय शिक्षकों के त्यागपत्र लेकर उनके स्थान पर मराठी शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की है, अन्यथा मनसे पद्धति से तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है । उत्तर मांगने गए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के ५ पदाधिकारियों पर सरकारवाडा पुलिस स्थानक में अभियोग पंजीकृत किया गया है ।

संपादकीय भूमिका 

महाराष्ट्र में रहकर मराठी भाषा का अपमान करना अत्यंत खेदजनक है । ज्ञानदान का पवित्र कार्य करने वाले शिक्षकों द्वारा भाषा से द्वेष करना अशोभनीय है । मराठी भाषा का अपमान करने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ! भाषा के स्वाभिमान की रक्षा हेतु समाज के नागरिकों का जागरूक रहना भी उतना ही आवश्यक है !