Shirdhon Forced Conversions : प्रार्थनास्थल की जांच के लिए गए हिन्दुत्वनिष्ठ लोगों को संभालने (काबू) हेतु पुलिस की ३ गाड़ियां नियुक्त ।

  • शिरढोण (जिला रायगढ) में हिन्दुओं के धर्मांतरण के षड्यंत्र की घटना 

  • पुलिस ने बताया कि उन्हें सीधे दिल्ली से निर्देश मिले हैं ।

  • ग्रामवासियों की मांगें मानने का आश्वासन 

पनवेल – मुंबई–गोवा महामार्ग पर स्थित शिरढोण गांव में ‘द पेंटेकोस्टल कन्वेंशन ग्राउंड’ में २९ जनवरी से १ फरवरी के समय ‘वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं रोग निवारण सभा’ का आयोजन किया गया था । इस सभा में प्रार्थना के लिए विभिन्न स्थानों से हिन्दुओं को लाए जाने का संदेह होने पर शिरढोण गांव के हिन्दुत्वनिष्ठ ग्रामवासी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तथा आयोजकों से प्रश्न किए । उस समय आयोजकों ने टालमटोल उत्तर दिए एवं कहा कि वे स्वयं आकर सभा स्थल देख सकते हैं । ३१ जनवरी की शाम को जब ग्रामवासी सभा स्थल पर पहुंचे, तब स्थानीय पुलिस की ३ गाड़ियां ग्रामवासियों को संभालने (काबू) के लिए वहां उपस्थित थीं । स्थानीय पुलिस ने ग्रामवासियों से कहा, “हमें सीधे दिल्ली से संपर्क किया गया है, इसलिए हम इस चर्च परिसर में आए हैं ।”

१. पुलिस द्वारा प्रश्न पूछे जाने पर हिन्दुत्वनिष्ठ ग्रामवासियों ने निडर होकर कहा, “आयोजकों ने ही हमें सभा स्थल देखने के लिए बुलाया था, इसलिए हम आए हैं । प्रवेश द्वार पर उपस्थित पुलिस की अनुमति लेकर ही हम अंदर आए हैं । साथ ही, हमने यहां आने की जानकारी स्थानीय पुलिस थाने को भी दी थी ।”

२. इस पर पुलिस ने ग्रामवासियों से कहा, “आपने हमें निवेदन किया है, अब हम आगे की कार्यवाही देखेंगे । आप यहां न आएं। हम निगरानी रखे हुए हैं ।” (जब हिन्दुओं ने कानूनी रूप से निवेदन दिया, तब भी ईसाइयों की गतिविधियों की जांच के लिए पुलिस नहीं आई, परंतु हिन्दुत्वनिष्ठों को संभालने (काबू) के लिए सीधे दिल्ली से पुलिस भेजी गई । क्या ऐसी पुलिस कभी हिन्दुओं का धर्मांतरण रोकेगी ? उन्होंने हिन्दुओं का विश्वास खो दिया है ! – संपादक)

ग्रामपंचायत में आकर लेटरहेड पर ग्रामवासियों की मांगें मानने का ईसाइयों का आश्वासन

‘द पेंटेकोस्टल मिशन’ से संबंधित व्यक्तियों तथा ‘वार्षिक स्नेह सम्मेलन व रोग निवारण सभा’ के आयोजकों ने हिन्दुत्वनिष्ठ ग्रामवासियों को यह आश्वासन दिया कि ग्रामपंचायत की अनुमति के बिना कोई कार्यक्रम नहीं किया जाएगा । कार्यक्रम में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का नाम व धर्म सहित सूची दी जाएगी । यदि धर्मांतरण होने का संदेह हुआ, तो ग्रामवासी कभी भी आकर जांच कर सकते हैं। इन सभी मांगों को मिशन के लेटरहेड पर लिखकर देने का आश्वासन दिया गया ।

संपादकीय भूमिका 

  • ईसाइयों को अभय देने और हिन्दुओं की आवाज दबाने के लिए दिल्ली से किसका समर्थन मिल रहा है, यह हिन्दुओं को समझना चाहिए । ईसाइयों के हाथ कितनी ऊपर तक पहुंचे हैं, यह जानना आवश्यक है ।
  • हिन्दुत्वनिष्ठों को संभालने (काबू) के लिए तत्परता से पहुंची पुलिस, परंतु पिछले ३० वर्षों से यहां हो रहे अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए ईसाइयों को पकडने क्यों नहीं आई ? पहले इसका उत्तर दिया जाना चाहिए । अत्यधिक संख्या में हिन्दुओं का धर्मांतरण हो रहा हो तथा हिन्दू इस पर प्रश्न भी न करें, क्या यह न्याय है ? इस अन्यायपूर्ण स्थिति को बदलने के लिए यदि हिन्दुओं को हिन्दू राष्ट्र की आवश्यकता लगती है, तो इसमें अनुचित क्या है ?