Bangladesh Hindu Attacks : बांग्लादेश में पिछले वर्ष ९५ मंदिरों पर आक्रमण, ६६ हिन्दू मारे गए !

ढाका (बांग्लादेश) – ‘बांग्लादेश हिन्दू बुद्धिस्ट क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल’ ने दावा किया है कि वर्ष २०२५ में बांग्लादेश में धार्मिक हिंसा की ५२२ घटनाएं हुईं । इसमें ६६ लोग मारे गए, तथा ९५ मंदिरों एवं धार्मिक जगहों पर आक्रमण हुए । अंतरिम सरकार ने कहा था कि केवल ७१ घटनाएं धार्मिक हिंसा की थीं । ‘यूनिटी काउंसिल’ ने एक पत्रकार परिषद में जानकारी दी कि कैसे अल्पसंख्यक समुदाय को लक्ष्य किया जा रहा है ।

काउंसिल के कार्यकारी महासचिव मोनिंद्र कुमार नाथ ने माध्यमों के अहवाल के आधार पर संकलित किए गए आंकडों को प्रस्तुत किया । इन आंकडों के अनुसार, महिलाओं के विरुद्ध अत्याचार की २८ घटनाएं दर्ज हुईं ; इनमें बलात्कार तथा सामूहिक बलात्कार सम्मिलित हैं । १०२ घर एवं दुकानें तोड दी गईं । ६६ प्रकरणों में जमीन तथा विपणि (दुकान) जब्त की गई । ३८ लोगों को अपहरण के आरोप में, ४७ लोगों को जान से मारने की धमकी के आरोप में तथा ३६ लोगों को ईशनिंदा के असत्य आरोपों में बंदी बनाया ।

जनवरी २०२६ में भी धार्मिक हिंसा

१ जनवरी से २७ जनवरी, २०२६ के मध्य ४२ नई हिंसक घटनाएं दर्ज की गईं । इन दिनों में ११ हत्याएं हुईं । मंदिरों तथा चर्चों पर ९ बार आक्रमण हुए । अल्पसंख्यक समुदाय भय के साये में है । यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि लोग अपना मत देने से डरते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार तथा निर्वाचन आयोग की होगी ।

सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए मोनिंद्र कुमार नाथ ने कहा कि सरकार की परिभाषा के अनुसार, हत्या, बलात्कार या घर जलाना तब तक धर्म का मुद्दा नहीं समझा जाता जब तक कि यह किसी मंदिर के परिसर में न हुआ हो । यह अल्पसंख्यंक द्वारा की गई धोखाधडी है ।

बडे हिन्दू नेता चिन्मय कृष्ण दास को बंदी बनाने के साथ-साथ दूसरे नेताओं के विरुद्ध लिखित प्रकरणों का उल्लेख करते हुए यह भी आरोप लगाया गया कि सरकार स्वयं अपराध कर रही है ।