Devkhel Controversy : ‘देवखेळ’ वेब सीरीज के विज्ञापन में शंकासुर देव के संबंध में धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला चित्रण !

गुहागर पुलिस थाने में आरोप प्रविष्ट !

(वेब सीरीज अर्थात ऑनलाइन प्रसारित की जाने वाली धारावाहिक)

मुंबई — ‘जी ५’ नामक ओटीटी प्लेटफॉर्म (मनोरंजन कार्यक्रम देखने की व्यवस्था) पर प्रसारित होने वाली ‘देवखेळ’ वेब सीरीज के ‘टीजर’ (चलचित्र के संक्षिप्त अंश) में गुहागर क्षेत्र के श्रद्धा-स्थान माने जाने वाले स्थानीय देवता शंकासुर के संबंध में अपमानजनक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला दृश्य दिखाए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है । इस संबंध में गुहागर अधिवक्ता संघ(‘गुहागर बार एसोसिएशन’) के अध्यक्ष एवं ‘आपलं गुहागर’ के समन्वयक संकेत अरुण सालवी ने गुहागर पुलिस थाने में बी.एन.एस. तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत आरोप प्रविष्ट कराया है।

इस विषय में गुहागर के नागरिकों ने चेतावनी दी है कि “वर्तमान में चल रहे ‘प्रोमो’ (प्रचार के लघु चलचित्र) त्वरित हटाए जाएं, अन्यथा हम कार्यालय तक पहुंचेंगे।”

इस सीरीज के ‘टीजर’ में स्थानीय देवता शंकासुर को क्रूर, अमानवीय एवं अंधविश्वास से जुडा हुआ देव दिखाने का प्रयास किया गया है । विशेष रूप से “शंकासुर दंड देता है, बलि लेता है”, “होली के अवसर पर हर वर्ष यहां हत्या करने की परंपरा है” जैसे संवादों के कारण श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है, ऐसा आरोप है । शंकासुर देव गुहागर क्षेत्र का एक प्राचीन श्रद्धा-स्थान है, जहां शिमगा उत्सव के समय सहस्त्रों श्रद्धालु श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं।

२१ जनवरी २०२६ को प्रकाशित यह विज्ञापन अब तक ८ लाख से अधिक दर्शकों द्वारा देखा जा चुका है । यह आपत्तिजनक लघु चलचित्र पूरे देश में प्रसारित हुआ है । इस प्रकरण के कारण समाज में असंतोष व्याप्त गया है तथा कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की संभावना भी आरोप में कही गई है।

संपादकीय भूमिका

हिन्दू समाज की उदासीनता के कारण ही कोई भी उठ खडा होता है तथा उनके आस्था-स्थलों का अपमान करता है । हिन्दुओं को ऐसी स्थिति निर्माण करनी होगी कि कोई भी उनके श्रद्धा-स्थलों पर हास्य उडाने का साहस न कर सके !