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नई दिल्ली – गोरक्षा के लिए १० मार्च, २०२६ को दिल्ली में एक भव्य कार्यक्रम रखा गया है । इसमें देश के ४ पीठों के शंकराचार्य ‘गोमाता राष्ट्रमाता अभियान’ के मंच के द्वारा एक ही व्यासपीठ पर आएंगे । पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती पहले से ही गोरक्षा के लिए आंदोलन कर रहे हैं । उन्होंने गोरक्षा का व्रत लेने के लिए अपनी गद्दी एवं छत्र त्याग दिया है ।
🐄 Gau Mata = Rashtra Mata 🇮🇳
A historic moment for Sanatan Dharma 🕉️
On March 10, 2026, Delhi will witness history as the Shankaracharyas of all four Peethas come together on one stage for the ‘Gau Mata Rashtra Mata’ Conference 🙏
🔥 Swami Nischalananda Saraswati of Puri… pic.twitter.com/AHFvhSmqTq
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) January 23, 2026
इससे पहले, १९ मई, २००७ को कर्नाटक के बेंगलुरु में राम सेतु को लेकर एक परिषद रखी गई थी । इसमें चारों पीठों के शंकराचार्य एक ही व्यासपीठ पर उपस्थित थे । पहली चतुष्पीठ परिषद वर्ष १७७९ में श्रृंगेरी में रखी गई थी । इसमें चारों शंकराचार्य सम्मिलित हुए थे । अब धार्मिक इतिहास में तीसरी बार चारों पीठों के शंकराचार्य एक साथ एक ही मंच पर दिखाई देंगे । यह सनातन परंपरा के लिए एक ऐतिहासिक पल होगा ।
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