Maharashtra Municipal Election : मतदान की स्याही पोंछे जाने की शिकायतें

महाराष्ट्र की महानगरपालिका चुनाव

मुंबई – मतदान के बाद उंगली पर लगाई जाने वाली स्याही पोंछी जा रही है , ऐसी अनेक शिकायतें राज्य के विभिन्न भागों से चुनाव आयोग के पास की गई हैं । मतदान के बाद उंगली पर लगाने के लिए इस बार ‘मार्कर’ का उपयोग किया गया था, परन्तु इस मार्कर की स्याही तुरंत पोंछी जाने की घटनाएं अनेक स्थानों पर सामने आयीं हैं । महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने इस विषय में चुनाव आयोग के पास शिकायत की । उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी की युवासेना के सचिव साईनाथ दुर्गे ने भी समाचार माध्यमों को मतदान के बाद उंगली पर लगाई गई स्याही निकल जाने को दिखाया ।


छल करके सत्ता में आने को चुनाव नहीं कहते – राज ठाकरे , अध्यक्ष , मनसे

राज ठाकरे

सरकार ने चुनाव जीतने का निश्चय कर लिया है । जो विधान सभा के चुनाव के समय किया गया , वही अब किया जा रहा है, परंतु हम ऐसा नहीं होने देंगे । पहले मतदान के बाद उंगली पर स्याही लगाई जाती थी । इस चुनाव में मार्कर से चिन्ह लगाया जा रहा है । ‘सैनिटाइजर’ से यह चिन्ह पोंछा जा रहा है । छल करके सत्ता में आने को चुनाव नहीं कहते ।

… तो ‘ऑयल पेंट’ का उपयोग करना चाहिए ! – देवेंद्र फडणवीस , मुख्यमंत्री

देवेंद्र फडणवीस

चुनाव के विषय में सभी बातें चुनाव आयोग तय करता है । इससे पहले भी मार्कर का उपयोग हुआ है । यदि कोई शंका है , तो चुनाव आयोग को दूसरे पेन (माध्यम) का उपयोग करना चाहिए । मैं तो कहता हूं ‘ऑयल पेंट’ का उपयोग करना चाहिए ,परंतु चुनाव से संबंधित संस्थाओं पर संदेह करना उचित नहीं है ।

स्याही पोंछकर फिर से मतदान संभव नहीं , भ्रम फैलाने वालों पर कार्यवाही करेंगे – राज्य चुनाव आयोग

उंगली पर लगाई गई स्याही पोंछकर मतदाताओं में भ्रम उत्पन्न करना , यह अवैध कृत्य है । उंगली की स्याही पोंछकर यदि कोई व्यक्ति फिर से मतदान करने के लिए आया , तो उस पर उचित कानूनी कार्यवाही की जाएगी , ऐसा स्पष्टीकरण महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने दिया है । उंगली की स्याही पोंछकर फिर से मतदान नहीं किया जा सकता । इस विषय में पहले से ही सावधानी बरती गई है । मतदाता द्वारा मतदान करने के बाद उसकी प्रविष्टि की जाती है । इसलिए केवल स्याही पोंछकर फिर से मतदान नहीं किया जा सकता , ऐसा चुनाव आयोग ने कहा है ।

वर्ष २०११ से चुनाव के लिए मार्कर का उपयोग

मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगाने का आदेश नवंबर २०११ में दिया गया है । तब से स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के चुनावों में मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगाने के लिए मार्कर का उपयोग किया जा रहा है । इस आदेश के अनुसार मतदाताओं की उंगली पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले ढंग से मार्कर पेन से स्याही लगाई जानी चाहिए । नाखूनों पर तथा नाखूनों के ऊपर की त्वचा पर तीन – चार बार रगड़कर स्याही लगाने के निर्देश पहले ही दिए गए हैं । इसलिए स्याही पोंछने का प्रयास कोई भी न करे , ऐसा आवाहन राज्य चुनाव आयोग ने किया है ।