DMK MP Dayanidhi Maran : (और इनकी सुनिए…) ‘उत्तर भारत में स्त्रियों को बच्चे उत्पन्न करने के लिए कहा जाता है, जबकि तमिलनाडु में प्रगति को महत्त्व दिया जाता है !’

द्रमुक सांसद दयानिधि मारन का उत्तर भारत की स्त्रियों के विषय में आपत्तिजनक बयान !

द्रमुक सांसद दयानिधि मारन

चेन्नई (तमिलनाडु) – तमिलनाडु एक द्रविड राज्य है, जहां आपकी प्रगति को महत्त्व दिया जाता है । कई उत्तर भारतीय राज्यों में लडकियों को कुछ भी करने नहीं दिया जाता । “तमिलनाडु में हम लडकियों से कहते हैं ‘शिक्षा ग्रहण करें’, जबकि उत्तर भारत में लडकियों से कहा जाता है, ‘काम पर न जाएं । घर पर ही रहें एवं रसोई में काम करें, बच्चे उत्पन्न करना ही आपका काम है’, ऐसा बयान द्रमुक सांसद दयानिधि मारन ने दिया है । वे यहां ‘क्वैद-ए-मिल्लत गर्ल्स कालेज’ में छात्राओं को संबोधित करते समय बोल रहे थे । दयानिधि मारन के साथ इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के पुत्र तथा उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन भी उपस्थित थे । उन्होंने ‘उलगम उंगल कैयिल’ योजना के अंतर्गत ९०० विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए ।

मारन ने आगे कहा कि तमिलनाडु में लडकियों की शिक्षा एवं सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित किया जाता है । हमारी छात्राओं को गर्व होना चाहिए । हम तमिलनाडु में लडकियों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं । उन्हें लैपटॉप देते हैं, जिसका उपयोग वे अध्ययन करने एवं साक्षात्कार देने के लिए कर रही हैं ।

मारन को सामान्य ज्ञान नहीं है ! – भाजपा

भाजपा नेता तिरुपति नारायणन ने मारन के बयान का निषेध करते हुए कहा कि, “मुझे नहीं लगता कि दयानिधि मारन को कोई सामान्य ज्ञान है । मैं उनके बयानों का तीव्र निषेध करता हूं । उन्हें भारत के लोगों, विशेष रूप से हिन्दी भाषियों से क्षमा मांगनी चाहिए ।”

तमिलनाडु में ७३ प्रतिशत महिलाएं शिक्षित

वर्ष २०११ की जनगणना के आंकडों के अनुसार तमिलनाडु में नारी साक्षरता की दर लगभग ७३.४४ प्रतिशत है । यह ७ वर्ष या उससे अधिक आयु की जनसंख्या से संबंधित आंकडें हैं । यह उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों की तुलना में अधिक है । उत्तर प्रदेश में महिला साक्षरता की दर ५७.१८ प्रतिशत, हरियाणा में ६५.९४ प्रतिशत, राजस्थान में ५२.१२ प्रतिशत एवं हिमाचल प्रदेश में ७५.९३ प्रतिशत है ।

संपादकीय भूमिका 

दयानिधि मारन को मुस्लिम स्त्रियों के संदर्भ में भी बोलना चाहिए । उनकी स्थिति बतानी चाहिए । तीन तलाक, बुर्का (संपूर्ण शरीर ढकना), नकाब (चेहरा ढकने का जालीदार वस्त्र), हिजाब (सिर और गर्दन ढकने का वस्त्र) आदि के विषय में वक्तव्य देना चाहिए । यह ध्यान में आता है कि वे इन विषयों पर जानबूझकर बोलने से बचते हैं !