राहुरी (महाराष्ट्र) के श्री बुवासिद्ध देव मंदिर में स्थित नाथजी की चरणपापदुकाएं हटाने के सूत्र पर हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन आक्रामक !

  • प्रशासन की सौम्य भूमिका

  • मंदिर में महाआरती का नियोजन

राहुरी (जिला अहिल्यानगर) – शहर के प्रसिद्ध श्री बुवासिद्ध देव मंदिर में सकल हिन्दू समाज की ओर से १३ जनवरी को महाआरती का आयोजन किया था, उस समय नाथजी की चरणपादुकाएं रखी गई थीं । इन चरणपादुकाओं को हटाने के प्रशासन के निर्णय पर हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन आक्रामक हुए । (प्रशासन चरणपादुकाएं हटाने का निर्णय धर्माचार्याें से बिना चर्चा किए कैसे लेता है ? – संपादक) इस समय वहां उपस्थित हिन्दुओं द्वारा की गई नारेबाजी से परिसर गूंज उठा । हिन्दुओं की आक्रामकता देखकर प्रशासन ने अपनी भूमिका सौम्य करने के उपरांत हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन शांत हुए ।

हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन आक्रामक

१३ जनवरी को यहां के श्री बुवासिद्ध देव मंदिर से श्रीक्षेत्र मढी एवं श्री गोरक्षनाथ गढ, मायबा (तहसील पाथर्डी) इस पदयात्रा का आरंभ किया गया । उस समय श्री बुवासिद्ध देव मंदिर में महाआरती होने के उपरांत शहर से रथ की शोभायात्रा निकाली गई । मंदिर में नाथजी की चरणपादुकाएं रखकर साधु-महंत, राष्ट्रवादी कांग्रेस के पूर्व विधायक प्राजक्त तनपुरे तथा भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अक्षय कर्डिले के हस्तों महाआरती की गई ।

महाआरती संपन्न होने के पश्चात प्रशासन ने नाथजी की चरणपादुकाएं हटाने का निर्णय लिया । उसका विरोध करते हुए हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन आक्रामक हुए । उस समय मंदिर परिसर में तनाव का वातावरण बन गया था । पुलिस निरीक्षक संजय ठेंगे ने कहा, ‘‘राहुरी परिसर में स्थित श्री बुवासिद्ध देव मंदिर का प्रश्न न्यायप्रविष्ट है । उसके कारण यहां कोई भी विवाद न हो, साथ ही कानून-व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए मंदिर परिसर में पुलिस की तैनाती की गई है ।’’