बेलगाम में ‘पुण्यश्लोक छत्रपति श्री शिवाजी महाराज उड्डाणपुल’ नाम की पट्टिका को हटाने के लिए कन्नड संगठनों ने बाध्य किया !

मराठी भाषा में पट्टिका

बेलगाम (कर्नाटक) – महानगरपालिका द्वारा प्रस्ताव पारित करने के पश्चात पुराने धारवाड मार्ग पर छत्रपति शिवाजी महाराज उड्डाणपुल पर मराठी सहित ३ भाषाओं में ‘पुण्यश्लोक छत्रपति श्री शिवाजी महाराज उड्डाणपुल’ नाम की पट्टिका लगाई गई थी । कन्नड संगठनों द्वारा वह ‘मराठी’ है, यह कारण आगे रखकर आक्षेप लेने से उसे हटा दिया गया । छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम का विरोध करने के कारण शिवप्रेमियों ने व्यापक स्तर पर अप्रसन्नता व्यक्त की है । ‘इस संदर्भ में जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी’, ऐसा बेलगाम के महापौर मंगेश पवार ने प्रसारमाध्यमों को बताया ।

वस्तुतः इस उड्डाणपुल का नामकरण करने का प्रस्ताव बेलगाम महानगरपालिका ने पूर्व में ही सम्मत कर लिया है । (यदि महानगरपालिका ने प्रस्ताव पारित किया है, तो ऐसी पट्टिका हटाना, नियमबाह्य है ! अतः प्रशासन द्वारा किसी के भी दबाव के समक्ष न झुकते हुए पट्टिका पुनः लगाकर संबंधितों पर कार्रवाई करना अपेक्षित है ! – संपादक) महानगरपालिका की ओर से पुल के समीप मराठी, कन्नड तथा अंग्रेजी, इन तीनों भाषाओं में यह पट्टिका लगाई गई थी । इस पर कुछ कन्नड संगठनों ने आक्षेप लेते हुए पट्टिका के समीप भारी उपद्रव किया । जिसके कारण यह पट्टिका वर्तमान में हटा दी गई है ।

संपादकीय भूमिका 

 छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम केवल मराठी में लिखा है इसलिए विरोध करने वाले कन्नड संगठनों पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए !