मेक्सिको पर ड्रग कार्टेल (मादक पदार्थों की तस्करी) का शासन है, इसलिए उनके विरुद्ध कार्रवाई करेंगे ! – Donald Trump

मेक्सिको की महिला राष्ट्रपति का विरोध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प  और मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम

वाशिंगटन (अमेरिका) : मेक्सिको पर ‘ड्रग कार्टेल’ का शासन है । यह गिरोह अमेरिका में प्रति वर्ष २.५ से ३ लाख लोगों की मृत्यु का कारण बन रहा है । समुद्र के मार्ग से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी ९७ प्रतिशत तक रोक दी गई है, इसलिए अब भूमि (जमीन) पर कार्रवाई की जाएगी, ऐसी धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए एक साक्षात्कार में दी । इस पर मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने ट्रम्प को करारा प्रत्युत्तर दिया है । उन्होंने स्पष्ट किया कि मेक्सिको अन्य देशों के आंतरिक प्रकरणों में हस्तक्षेप को पूरी तरह से अस्वीकार करता है । मेक्सिको एक स्वतंत्र एवं संप्रभु (Sovereign) देश है । यहां सहयोग किया जा सकता है; परंतु हस्तक्षेप नहीं । ट्रम्प ने अक्टूबर २०२५ में कहा था कि वे मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए मेक्सिको में अमेरिकी सेना एवं गुप्तचर अधिकारियों को भेजने की तैयारी कर रहे हैं ।

मेक्सिको से अमेरिका में होती है मादक पदार्थों की तस्करी !

मेक्सिको को विश्व के सबसे बडे मादक पदार्थों की तस्करी के जाल (नेटवर्क) का गढ माना जाता है, जहां से कोकीन, हेरोइन, मेथ तथा फेंटेनाइल जैसे अत्यंत संकटकारी पदार्थ अमेरिका तक पहुंचते हैं । अमेरिका में मादक पदार्थों की सबसे बडी आपूर्ति मेक्सिको के गिरोहों द्वारा होती है ।

अमेरिका मादक पदार्थों के लिए दुनिया का सबसे बडा बाजार है । प्रति वर्ष लाखों लोग मादक पदार्थों के व्यसन (नशे) के शिकार होते हैं तथा फेंटेनाइल जैसी दवाओं के कारण सहस्रों (हजारों) लोगों की मृत्यु होती है । उनकी तस्करी पर कठोर कदम उठाए जाएं, इसके लिए अमेरिकी सरकार पर निरंतर दबाव रहता है तथा इसी कारण उनका ध्यान मेक्सिको के मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों पर रहता है ।

ये गिरोह इतने शक्तिशाली हो गए हैं कि कई क्षेत्रों में वे पुलिस एवं सरकार को चुनौती देते हैं । सशस्त्र गिरोह, धमकियां, भ्रष्टाचार तथा हिंसा के कारण स्थानीय प्रशासन भी अक्सर उन्हें रोक नहीं पाता है । कई गिरोह तो स्वयं को ‘शैडो गवर्नमेंट’ (समानांतर सरकार) समझते हैं ।