जेम्स लेन के पुस्तक में राजमाता जिजाऊ के विषय में विवादास्पद लेखन का प्रकरण

मुंबई – दो दशक पूर्व जेम्स लेन की ‘शिवाजी – हिन्दू किंग इन इस्लामिक इंडिया’ इस पुस्तक में राजमाता जिजाऊ के विषय में विवादास्पद लेखन प्रकाशित करने के प्रकरण में पुस्तक के प्रकाशक ‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस’ ने सार्वजनिक क्षमा मांगी है । इसमें सांसद छत्रपति उदयनराजे भोसले एवं महाराष्ट्र की जनता से क्षमायाचना की गई है । ‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस’ का संचालन ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा किया जाता है । वर्ष २००३ में यह पुस्तक प्रकाशित हुई थी ।
🚨 Apology After 22 Years? That’s Not Justice! 🚨
Outrage erupted after objectionable content about Rajmata Jijau was published in a book by James Laine.
Now Oxford University Press offers a public apology.
But what is an apology worth after 22 years?
🔹 Will Oxford clarify… pic.twitter.com/Q3duQ29koI
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) January 6, 2026
‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस’ ने कहा है कि…
१. पुस्तक में पृष्ठ संख्या ३१ , ३३ , ३४ एवं ९३ पर कुछ आपत्तिजनक कथन प्रकाशित किए गए थे । कथनों की सत्यता का परीक्षण किए बिना ही उन्हें प्रकाशित किया गया । इस त्रुटि के लिए हमें अंतःकरण से दुःख है ।
२. सांसद छत्रपति उदयनराजे भोसले एवं जनता को हुई पीडा के लिए हम क्षमाप्रार्थी हैं ।
३. इन कथनों के कारण शिवप्रेमियों की भावनाएं आहत हुई हैं, इसके लिए हम खेद व्यक्त करते हैं ।
संपादकीय भूमिका
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यदि मुसलमान अपने पूर्वजों की परंपराओं को स्वीकार करें, तो उन्हें हिन्दू राष्ट्र में किसी प्रकार का कोई संकट नहीं होगा ! – Yogrishi Ramdev baba
France 24 Media : (और इनकी सुनिए…) ‘छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमाएं स्थापित कर मुसलमानों को लक्षित किया जा रहा है !’
‘ताजमहल’ के ‘तेजोमहालय’ होने की पुष्टि हेतु सर्वेक्षण करें !
अधर्म का उत्तर अधर्म से ही देने की भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा को हिंदुओं द्वारा भुला दिया जाना
भारत पहले से ही जिस जीवन-पद्धति का पालन करता आया है, वही अब पाश्चात्य देश खोजकर अपना रहे हैं !