James Laine Book Apology : ‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस’ नामक पुस्तक प्रकाशन संस्था द्वारा सार्वजनिक क्षमायाचना !

जेम्स लेन के पुस्तक में राजमाता जिजाऊ के विषय में विवादास्पद लेखन का प्रकरण

२००३ में प्रकाशित विवादास्पद पुस्तक एवं लेखक जेम्स लेन

​मुंबई – दो दशक पूर्व जेम्स लेन की ‘शिवाजी – हिन्दू किंग इन इस्लामिक इंडिया’ इस पुस्तक में राजमाता जिजाऊ के विषय में विवादास्पद लेखन प्रकाशित करने के प्रकरण में पुस्तक के प्रकाशक ‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस’ ने सार्वजनिक क्षमा मांगी है । इसमें सांसद छत्रपति उदयनराजे भोसले एवं महाराष्ट्र की जनता से क्षमायाचना की गई है । ‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस’ का संचालन ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा किया जाता है । वर्ष २००३ में यह पुस्तक प्रकाशित हुई थी ।

​‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस’ ने कहा है कि…

१. पुस्तक में पृष्ठ संख्या ३१ , ३३ , ३४ एवं ९३ पर कुछ आपत्तिजनक कथन प्रकाशित किए गए थे । कथनों की सत्यता का परीक्षण किए बिना ही उन्हें प्रकाशित किया गया । इस त्रुटि के लिए हमें अंतःकरण से दुःख है ।

२. सांसद छत्रपति उदयनराजे भोसले एवं जनता को हुई पीडा के लिए हम क्षमाप्रार्थी हैं ।

३. इन कथनों के कारण शिवप्रेमियों की भावनाएं आहत हुई हैं, इसके लिए हम खेद व्यक्त करते हैं ।

संपादकीय भूमिका 

  • केवल क्षमा मांगने से क्या लाभ ? राजमाता जिजाऊ के विषय में आपत्तिजनक लेखन करने वाले जेम्स लेन पर क्या कार्रवाई की जाएगी, यह भी ‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस’ को स्पष्ट करना चाहिए ! महाराष्ट्र की शिवप्रेमी जनता इस उत्तर की प्रतीक्षा कर रही है !
  • २२ वर्षों के पश्चात क्षमा मांगकर ‘ऑक्सफोर्ड’ ने क्या सिद्ध किया ?