Vasasi Missionary School : वसई स्थित ‘होली फैमिली’ विद्यालय के स्नेह-सम्मेलन में यीशु के पात्र के माध्यम से अंधविश्वास का प्रसार !

​भगवा वस्त्र धारण किए हुए यीशु को दिखाने का प्रकार !

यीशु के पात्र को भगवा वस्त्र धारण किए हुए दिखाया गया

​वसई (जनपद पालघर) – यहां के ‘होली फैमिली’ विद्यालय के स्नेह-सम्मेलन के एक कार्यक्रम में यीशु का पात्र विद्यार्थियों के विविध रोगों का उपचार करते हुए दिखाया गया, जिसका चलचित्र (वीडियो) ‘जय महाराष्ट्र’ समाचार वाहिनी पर प्रसारित किया गया । इतना ही नहीं, अपितु यीशु के उस पात्र को भगवा वस्त्र धारण किए हुए भी दिखाया गया । (इस पात्र को भगवा वस्त्र पहनाकर आयोजक वास्तव में क्या सूचित करना चाहते हैं ? क्या यह हिन्दुओं को भ्रमित करने का प्रयास नहीं है ? – संपादक)

​इस चलचित्र में ‘यीशु एक अंधे बालक को दृष्टि प्रदान करता है , एक विकलांग बालक के पैर स्वस्थ करता है , उसके पश्चात अनेक बालक उसके चारों ओर घेरा बनाकर नृत्य करते हैं । दो बालक झगडा कर रहे होते हैं , तब वह उनका विवाद सुलझाकर उन्हें एकत्र लाता है’ , ऐसा दर्शाया गया है ।

संपादकीय भूमिका 

  • क्या अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) वाले ऐसे कार्यक्रमों के विषय में कुछ नहीं बोलते ? इस विद्यालय के विरुद्ध परिवाद (शिकायत) करने का धैर्य उनमें क्यों नहीं है ?
  • ईसाई विद्यालयों के माध्यम से किसी न किसी मार्ग से धर्मांतरण का प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष प्रयास कैसे होता रहता है ?, यह उसी का उदाहरण है । इस कार्यक्रम को धर्मांतरण की गुप्त चाल कहना क्या अनुचित होगा ?