नागपुर के सरकारी आयुर्वेद महाविद्यालय के छात्रावास की घटना !
(रैगिंग का अर्थ है छात्राओं का शारीरिक एवं मानसिक स्तर पर किया जानेवाला उत्पीडन)

नागपुर : यहां के सरकारी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के लडकियों के छात्रावास में रहनेवाली दूसरे वर्ष में पढनेवाली १९ छात्राओं को रैगिंग के प्रकरण में दोषी सिद्ध होने पर ३ महिने के लिए छात्रावास से निकाल दिया गया है । महाविद्यालय की रैगिंगविरोधी समिति द्वारा की गई जांच के उपरांत यह कार्रवाई की गई है ।
कनिष्ठ स्तर के छात्राओं से परिचय करवाने के नाम पर उनका उत्पीडन होने की बात कही जा रही थी । उन्होंने इस घटना में संलिप्त १९ वरिष्ठ छात्राओं की पहचान कराई तथा उसके उपरांत महाविद्यालय प्रशासन ने उन पर उक्त कार्रवाई की ।
इन १९ छात्राओं को ३ महिने के लिए छात्रावास में प्रवेश करने के लिए भले ही प्रतिबंधित किया गया हो, तब भी उन्हें महाविद्यालय की कक्षा में उपस्थित रहने की अनुमति दी गई है । उनसे लिखित आश्वस्ततापत्र लिया गया है तथा पुनः ऐसी किसी घटना में संलिप्त होने पर महाविद्यालय से ६ महिने के लिए निलंबित करने की तथा अंततः स्थाईरूप से निष्कासित करने का कठोर दंड देने की चेतावनी दी गई है ।
‘रैगिंग’ की पुनरावृत्ति रोकने के लिए महाविद्यालय ने छात्रावास में रात की गश्त बढाना, रात १० बजे के उपरांत अकस्मात पडताल करना, छात्रों का नियमितरूप से समुपदेशन करना आदि निर्णय लिए हैं । पीडित कनिष्ठ छात्राओं का भय दूर करने हेतु उनका समुपदेशन किया जाएगा । किसी भी स्थिति में रैगिंग सहन नहीं किया जाएगा तथा इसमें संलिप्त अपराधियों पर कठोर कार्रवाई करना जारी रहेगा, ऐसा भी महाविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया ।
संपादकीय भूमिकाइसप्रकार कठोर दंड मिलने पर ही ऐसी घटनाएं अल्प हो सकती हैं ! |
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