कोल्हापुर के ‘सव्यसाचि गुरुकुलम्’ की युद्धकला ने जगाया शौर्य !

एक युवती एक ही समय ४ जनों से लडते हुए प्रत्यक्ष प्रदर्शन

भारत मंडपम्, नई दिल्ली – कोल्हापुर के सव्यसाचि गुरुकुलम् के छात्रों ने १४ दिसंबर को सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में छत्रपति शिवाजी महाराजजी के काल के विभिन्न शस्त्रों के द्वारा युद्धकला का प्रदर्शन किया । इस युद्धकला ने उपस्थित सभी दर्शकों का मन जीत लिया । सभी ने इस युद्धकला की सराहना की तथा युद्धकला प्रस्तुत करनेवाले सव्यसाचि गुरुकुलम् के आचार्य श्री. लखन जाधव तथा उनके छात्रों का खडे रहकर अभिवादन किया ।

इस प्रदर्शन में लाठी, भाला, दांडपट्टा, कुल्हाडी, चक्रीपाश, तलवार, विटा आदि शिवछत्रपति के काल की शस्त्रकलाएं प्रस्तुत की गईं । एक ही समय पर अनेक शत्रुओं से कैसे लडना चाहिए ?; किसी ने युवती को छेडा, तो उसका प्रतिकार कैसे करना चाहिए ?, इसका भी प्रदर्शन किया गया । इन रोमांचकारी प्रदर्शनों के कारण उपस्थित धर्मप्रेमियों में वीररस जागृत हुआ तथा भविष्य में आनेवाले संकटों से दो-दो हाथ करने का उनके मन का निश्चय दृढ हुआ ।