Shankhnad Mahotsav Delhi : हिन्दुओं के जन्मदर में घट होती रहेगी, तो १२ वर्षों में हिन्दू अल्पसंख्यक होंगे ! – डॉ. सुरेश चव्हाणके, मुख्य संपादक, ‘सुदर्शन न्यूज नेटवर्क’

सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव देहली २०२५

डॉ. सुरेश चव्हाणके

भारत मंडपम्, देहली – एक ओर हम रामराज्य अथवा सनातन राष्ट्र का शंखनाद कर रहे हैं; परंतु यह राष्ट्र कितने समय तम टिक पाएगा ? ऐसा प्रश्न सामने आए, ऐसी आज की स्थिति है । हिन्दुओं के विरूद्ध की लडाई सामने से नहीं; किंतु पीछे से लडी जा रही है । हिन्दू शस्त्रों की लडाई में कभी हारे नहीं हैं; परंतु वैचारिक लडाई में सदैव हारे हैं । ‘हम दो हमारे दो’, यह केवल एक घोषणा थी; परंतु हिन्दुओं ने उसका वेदमंत्रों की भांति स्वीकार किया । इसके विपरित धर्मांधों ने ४ पत्नियां और १०-१० बच्चों की मानसिकता जारी रखी ।

 

इसलिए हिन्दू भले ही शस्त्रों की लडाई में विजयी होंगे, लोकसंख्या की लडाई में पीछे रह चुके हैं । ऐसा ही चलता रहा, तो कुछ ही वर्षों में इस देश को इस्लामी बनाने से कोई रोक नहीं सकेगा । लोकतंत्र में बुद्धिमानता अथवा देशभक्ति नहीं नापी जाती, अपितु लोकसंख्या गिनी जाती है । ‘आप जितने बच्चों को संभाल सकते हैं, उतने ही बच्चों को जन्म दें’, ऐसा परिवार नियोजन का अर्थ है, यह ध्यान में रखते हुए हिन्दुओं को अधिकाधिक बच्चों को जन्म देना चाहिए । अन्यथा हिन्दुओं के जन्मदर में घट होती रहेगी और मुसलमानों का जन्मदर बढता रहा, तो आनेवाले १२ वर्षों में हिन्दू अल्पसंख्य होगा । इसलिए देश में लोकसंख्या नियंत्रण कानून त्वरित लागू होना चाहिए, ऐसी जोशपूर्ण मांग ‘सुदर्शन न्यूज नेटवर्क’ के मुख्य संपादक डॉ. सुरेश चव्हाणके ने ‘लोकसंख्या का असंतुलन : समस्या एवं उपाय’ इस विषय पर बोलते समय की ।