
देवघर (मध्यप्रदेश) – श्रावणी मेले के लिए विश्वविख्यात बैधनाथ धाम में पूरे वर्ष तक मिलनेवाला चूरा एवं पेढा प्रसाद के रूप में जाना जाता है; परंतु अन्न सुरक्षा विभाग द्वारा इस प्रसाद के लिए गए नमुनों में बडी मात्रा में मिलावट होने की बात सामने आई है । अन्न सुरक्षा विभाग ने ७२ दुकानों से पेढे के नमुने लिए । रांची की प्रयोगशाला में उनकी जांच करने पर यह दिखाई दिया कि कुछ नमुनों में मिट्टी मिलाई गई थी । अन्न सुरक्षा अधिकारी एस्.के. सिंह के अनुसार इस ब्यौरे के आधार पर मिलावट करनेवालों को नोटिस देकर उन पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी ।
बिहार एवं उत्तरप्रदेश राज्य के बडे व्यापारी मशिन का उपयोग कर अल्प खर्च में मावा बनाते हैं तथा उसके उपरांत पेढा बनाने में उसका उपयोग किया जाता है ।
संपादकीय भूमिकाप्रसाद में मिलावट करनेवालों को फांसी का दंड ही दिया जाना चाहिए ! |
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हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
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