Ghaznavi violence : NCERT की नई पुस्तक में गजनवी द्वारा की गई हिंसा का विवरण सम्मिलित !

मंदिरों की लूटपाट, हिन्दुओं के धर्मांतरण आदि की जानकारी दी गई !

(NCERT – नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग – राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद)

 

नई दिल्ली – NCERT ने ७ वीं कक्षा के सोशल साइंस की पुस्तक ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटीज : इंडिया एंड बियॉन्ड’ में महमूद गजनवी के भारत पर आक्रमणों के विषय को विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया है । पहले पुस्तक में गजनवी पर केवल एक पैराग्राफ था । अब नई पुस्तक में ६ पृष्ठों की जानकारी सम्मिलित की गई है । इस पुस्तक में गजनवी एवं उससे संबंधित कालखंडों के बारे में अधिक विस्तृत जानकारी दी गई है ।

गजनवी ने मंदिर तोडे !

‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटीज : इंडिया एंड बियॉन्ड’ पुस्तक में लिखा गया है कि गजनवी ने हिन्दुओं के मंदिरों पर आक्रमण करके लूटपाट की, इस्लाम धर्म का प्रचार किया तथा गैर-मुसलमानों की हत्या की । पहले की पुरानी पुस्तक में इसी विषय पर केवल एक पैराग्राफ था, जिसमें लिखा गया था, ‘राजाओं ने बडे-बडे मंदिर बनाकर अपनी शक्ति एवं संपत्ति का प्रदर्शन किया; परंतु कई विदेशी शासकों ने आक्रमण करके संपन्न मंदिरों को निशाना बनाया । इसमें महमूद गजनवी सबसे प्रमुख था ।’

सोमनाथ मंदिर के विध्वंस की जानकारी सम्मिलित

नई पुस्तक में ‘गजनवी आक्रमण’ विषय पर गजनवी के भारत पर किए गए १७ आक्रमणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है । इसमें मथुरा के मंदिरों की लूट, कन्नौज का मंदिर एवं गुजरात में सोमनाथ मंदिर के विध्वंस की जानकारी सम्मिलित की गई है । आगे यह भी कहा गया है कि, जो सोमनाथ मंदिर अभी है, वह वर्ष १९५० में बना है, जिसका उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया था ।

हूण तथा अरब आक्रमणकारियों की भी जानकारी ! – NCERT

NCERT के निदेशक दिनेश सकलानी ने बताया कि गजनवी से पहले ६ ठीं से १० वीं शताब्दी तक के साम्राज्यों एवं राज्यों पर भी एक अध्याय है । इसमें कन्नौज, कश्मीर, चालुक्य, राष्ट्रकूट, पल्लव तथा चोल शासकों का समावेश है, साथ ही मध्य एशिया से आए हूण एवं अरबों द्वारा किए गए आक्रमणों की जानकारी भी अंत में दी गई है ।

(और इनकी सुनिए…) ‘मुगलों को हिंसक दिखाने का उद्देश्य !’ – दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रा. अपूर्वानंद झा

इस संदर्भ में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रा. अपूर्वानंद झा ने कहा कि, ‘NCERT पाठ्यपुस्तकों के साथ जो कर रही है, उससे यह स्पष्ट होता है कि वे इतिहास को इस रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं कि मुगल हिंसक दिखें । ये सभी परिवर्तन उसी के अंतर्गत किए जा रहे हैं । वे यह नहीं बताना चाहते कि ‘मुगलों का भारत को महत्त्वपूर्ण योगदान था’; इसीलिए वे उनके बारे में जानकारी कम कर रहे हैं ।’  (जो अब तक जानबूझकर छिपाया गया, वह अब कोई खुलेआम बता रहा है, तो मुगलों के ऐसे वंशजों को मिर्ची तो लगेगी ही ! – संपादकीय )

संपादकीय भूमिका 

NCERT अब वास्तव में बच्चों को सच्चा इतिहास पढाने का प्रयास कर रही है, ऐसा ही कहना पडेगा ! यह एक अच्छा परिवर्तन है । इसमें अन्य सुधार भी हो सकता है !