‘गोवा क्रॉनिकल’ संकेतस्थल के प्रधान संपादक सावियो रॉड्रीग्स की मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से मांग

पणजी, ०२ दिसम्बर (वार्ता) – गोवा में पुर्तगाली उपनिवेशवाद का वास्तविक इतिहास प्रस्तुत करने हेतु संग्रहालय स्थापना का प्रस्ताव ‘गोवा क्रॉनिकल डॉट कॉम’ के प्रधान संपादक सावियो रॉड्रीग्स ने मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के समक्ष रखा है । इस विषय में प्रधान संपादक सावियो रॉड्रीग्स ने कहा, “पुर्तगाली उपनिवेशवाद गोवा का इतिहास है तथा कोई भी इस तथ्य का निषेध नहीं कर सकता । इतिहास के इस सत्य को स्वीकार करके ही हम उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं, साथ ही आने वाली पीढ़ी को अपने पूर्वजों के त्याग के विषय में अवश्य ज्ञात होना चाहिए । मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने ‘प्रस्ताव का अध्ययन कर उसकी व्यवहारिकता जांचने तथा आगे आवश्यक कार्यवाही करने’ का आश्वासन मुझे प्रदान किया है ।” प्रधान संपादक सावियो रॉड्रीग्स ने मुख्यमंत्री को प्रेषित प्रस्ताव में निम्न सूत्र प्रस्तुत किए हैं । उन्होंने यह भी कहा है कि इस उपक्रम की संकल्पना, अनुसंधान, अभिलेखीकरण तथा जनजागरण संबंधी प्रक्रियाओं में वे सरकार को सहयोग देने के लिए तत्पर हैं ।
I appreciate Goa CM @DrPramodPSawant speaking about the need for Goa to decolonize from its Portuguese colonialism.
It is the truth that Portugal colonisation was a brutal fact about our history and as Goans we should never forget the horrors of Portuguese imperialism and its…
— Savio Rodrigues 🇮🇳 (@PrinceArihan) November 28, 2025
संग्रहालय की आवश्यकता क्यों है ?
पुर्तगालिक शासनकाल में गोवा के सामाजिक, सांस्कृतिक तथा राजनैतिक क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हुआ । पुर्तगालिक शासन के काल में गोमन्तकियों पर धार्मिक अत्याचार हुए, उनकी परंपराओं का दमन किया गया, सांस्कृतिक विस्मृति उत्पन्न की गई तथा गोमन्तकियों की भूमि पर अधिकार किया गया । गोमन्तकियों ने पुर्तगालियों के विरुद्ध प्रतिकार भी किया, किन्तु यह इतिहास आजतक समुचित रूप से जनसमक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है । इसलिए ऐतिहासिक सत्य को सामने लाने तथा शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं अनुसंधानशील संस्थाओं को उपयोगी होने वाले ऐसे संग्रहालय की आज आवश्यकता है ।
संग्रहालय की स्थापना की प्रक्रिया इस प्रकार होगी :
१. पुर्तगाली उपनिवेशवाद का तथ्याधिष्ठित अभिलेखीकरण करना
२. ऐतिहासिक प्रमाण, वाङ्मय, मौखिक इतिहास तथा स्थानीय साक्षियों के अनुभवों का संकलन करना
३. भारतीय संस्कृति की रक्षा हेतु गोमन्तकियों द्वारा किए गए प्रतिकार को प्रमुखता से प्रस्तुत करना
४. विद्यार्थियों तथा शोधकर्ताओं के लिए एक शैक्षणिक एवं अनुसंधान केंद्र का निर्माण करना
५. बहुमाध्यम, लघुचित्र आदि आधुनिक तकनीक के माध्यम से इतिहास को सजीव रूप में प्रस्तुत करना
६. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अध्ययनकर्ताओं को इस विषय पर सहकार्य हेतु एक समान मंच प्रदान करना
आधुनिक तकनीक के माध्यम से गोवा के इतिहास का एक वैश्विक स्तर का डिजिटल अभिलेख-संग्रह विकसित किया जा सकता है । संग्रहालय की स्थापना के लिए सर्वप्रथम इतिहासकारों, शोधकर्ताओं, सांस्कृतिक विशेषज्ञों, गोमन्तकीय नागरिकों तथा राज्य अभिलेखागार एवं पुरातत्त्व संचालनालय की एक समिति का गठन किया जाए । संग्रहालय स्थापना हेतु गोवा राज्य संग्रहालय, भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान मंडल तथा अन्य सांस्कृतिक संस्थाओं का सहकार लिया जाए ।
संग्रहालय का महत्त्व
यह संग्रहालय भावी पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक सत्य के संरक्षण का कार्य करेगा, तथा गोवा की भारतीय सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी नीतियों को और अधिक सुदृढ करेगा । यह संग्रहालय उपनिवेशवाद-मुक्ति अध्ययन तथा सांस्कृतिक संवर्धन के क्षेत्र में गोवा को राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदान करेगा ।
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