Spanish Bishop Resigned : स्पेन के बिशप राफेल जोर्नोसा का त्यागपत्र !

कॅथोलिक चर्च में यौन शोषण का प्रकरण

(चर्च में उच्च श्रेणी पर कार्यरत पादरियों को ‘बिशप’ कहते हैं ।)

बिशप राफेल जोर्नोसा (छायाचित्र सौजन्य : REUTERS)

मैड्रिड (स्पेन) – स्पेन के कैडिज एवं सेउटा धर्मप्रांत के ७६ वर्षीय बिशप राफेल जोर्नोसा ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है । पोप लियो ने उनका त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है । उन पर १९९० के दशक में एक नाबालिग लडके का यौन शोषण करने का आरोप है । चर्च के न्यायाधिकरण द्वारा उनकी जांच चल रही है ।

१. वह वेटिकन द्वारा की गई खुली जांच का सामना करने वाले स्पेन के पहले कैथोलिक बिशप बन गए हैं ।

२. पीडित व्यक्ति ने उस पर हुए यौन शोषण की जानकारी ‘डिकैस्टरी फॉर द डॉक्ट्रिन ऑफ फेथ’ नामक संस्था को भेजे गए पत्र में दी है । उसने उल्लेख किया है कि उस पर वर्ष १९९४ में अत्याचार आरंभ हुआ, जब वह १४ वर्ष का था । उसके पश्चात ७ वर्षों तक, यानी जब तक वह २१ वर्ष का नहीं हो गया, तब तक बिशप ने उसका यौन शोषण किया ।

३. पीडित व्यक्ति ने लिखा है कि रात में बिशप उसके कमरे में आते थे । वह डर के मारे चुपचाप बैठा रहता था । वे उसके बगल में सोते थे, उसके गुप्तांगों को छूते थे और चुंबन लेते थे । सवेरे भी वे उसी तरह उसका यौन शोषण करते थे ।

४. इस प्रकरण के कारण कैथोलिक चर्च में लंबे समय से चली आ रही यौन शोषण की समस्या ने एक बार फिर सिर उठा लिया है ।

संपादकीय भूमिका 

  • सफेद चोगा (कोट) पहनकर लोगों को प्रेम एवं शांति का संदेश देने वाले अधिकांश पादरी वासनांध तथा विकृत होते हैं, यह इस प्रकरण से एक बार फिर रेखांकित हुआ है !
  • इससे यदि दूसरों को यह लगे कि चर्च प्रार्थना के नहीं, अपितु यौन शोषण के केंद्र बन गए हैं, तो यह अनुचित नहीं होगा !