भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने के लिए किसी भी आधिकारिक घोषणा की आवश्यकता नहीं है ! – RSS Chief Mohan Bhagwat

प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत का वक्तव्य

प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत

गौहत्ती (उत्तराखंड) – ‘हिन्दू’ केवल धार्मिक शब्द नहीं है, अपितु यह सहस्रों वर्षाें की संस्कृति है । भारत एवं हिन्दू समानार्थक शब्द हैं । जिसे भारत पर गर्व है, वह हिन्दू है । भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने के लिए किसी भी आधिकारिक घोषणा की आवश्यकता नहीं है । यहां की संस्कृति को देखते हुए, वह स्पष्ट ही है; ऐसा वक्तव्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने यहां दिया । वे एक कार्यक्रम में ऐसा बोल रहे थे ।

सरसंघचालक ने आगे कहा कि जिसे भारत पर गर्व है तथा जो भारत से प्रेम करता है, वह हिन्दू है; चाहे उसकी व्यक्तिगत उपासना की अथवा प्रार्थना की पद्धति कोई भी हो ।

भारत को विश्वगुरु बनाने में योगदान देने हेतु संघ की स्थापना !

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मूल सिद्धांत स्पष्ट करते हुए प.पू. सरसंघचालक ने कहा कि यह संगठन किसी के विरोध के लिए, किसी को हानि पहुंचाने हेतु, किसी को किसी प्रकार की आहत करने हेतु नहीं, अपितु एक प्रगत समाज एवं व्यक्ति के निर्माण करने हेतु चलाया जा रहा है । व्यक्तिगत चरित्रनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करने हेतु तथा भारत को विश्वगुरु बनाने में योगदान देने हेतु यह संगठन बना है ।