Delhi Blast : अल-फलहा विश्वविद्यालय की गहन जांच करने पर एक बडा षड्यंत्र खुल सकता है !

  • अल-फलहा विश्वविद्यालय का आतंकवादी षड्यंत्र उजागर करें ! – डॉ. मोनिका लांगेह की मांग

  • विश्वविद्यालय में आतंकवादी डॉक्टरों द्वारा हिन्दू छात्रों को प्रताडित किया जा रहा था !

आतंकवादी डॉ. मुज़म्मिल (बाएं) और डॉ. मोनिका लांगेह (दाएं) (फोटो सौजन्य: Z News)

नई दिल्ली : दिल्ली के लाल किले के पास जिहादी आतंकवादियों द्वारा किए गए बम विस्फोट में सम्मिलित अधिकांश आतंकवादी डॉक्टर हैं तथा वे हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलहा विश्वविद्यालय में पढाते थे । कुछ छात्र भी थे । इस संबंध में, वहां की एक डॉक्टर मोनिका लांगेह ने बताया कि बंदी बनाए गए आतंकवादी डॉक्टर विश्वविद्यालय में विशेष रूप से हिन्दू छात्रों को लक्ष्य बना रहे थे । वे उन्हें प्रताडित करते थे । जिसके कारण एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली । इसलिए, उन्होंने मांग की है कि यदि सरकार अल-फलहा की गहन जांच करे, तो एक बडा आतंकवादी षड्यंत्र खुल सकता है । कश्मीर से संबंधित कई प्रमाण वहां मिल सकते हैं ।

डॉ. मोनिका के अनुसार,

वहां के कुछ डॉक्टर मुस्लिम छात्रों की मानसिकता परिवर्तित कर उन्हें जिहादी संगठनों में खींचने का काम कर रहे थे ।

भारतीय सैनिकों की मृत्यु पर खुशी मनाई जा रही थी !

धमकियां एवं मानसिक दबाव : डॉ. मोनिका ने बताया कि विश्वविद्यालय में आदेशों का पालन न करने पर छात्रों को अनुत्तीर्ण करने की धमकियां दी जाती थीं । डॉ. मुजम्मिल छात्रों पर निरंतर मानसिक दबाव डालता था । विशेष रूप से लडकियों को निशाना बनाया जाता था । कई लडकियां दबाव के कारण त्रस्त थीं, कुछ ने आत्महत्या का प्रयास भी किया, तथा एक की मृत्यु हो गई ।

भारत विरोधी गतिविधियां : भारत के सैनिक सीमा पर वीरगति को प्राप्त होने पर ये लोग विश्वविद्यालय में प्रसन्नता व्यक्त करते थे । ये आतंकवादी डॉक्टर फिलिस्तीन एवं गाजा का समर्थन कर रहे थे ।

जम्मू-कश्मीर में ‘लव जिहाद’

डॉ. मोनिका ने स्पष्ट किया कि कश्मीर की स्थिति अब भी अत्यंत चिंताजनक है । विश्वविद्यालय में कट्टर प्रवृत्ति के लोग पाकिस्तान सहित भारत विरोधी गुटों का समर्थन करते हैं । डॉ. मुजम्मिल पहले से ही भारत विरोधी विचार रखता था तथा बडी मात्रा में ‘लव जिहाद’ चलाने की बात कहता था ।

डॉ. मुजम्मिल एवं मोनिका एक ही मेडिकल कॉलेज में पढे थे । मुजम्मिल लाल किला विस्फोट षड्यंत्र में मुख्य आरोपियों में से एक है । वह डॉक्टर मोनिका का जूनियर छात्र था ।

संपादकीय भूमिका

जब इस प्रकार की घटनाएं विश्वविद्यालय में घट रही थीं, तो पुलिस को उनकी जानकारी कैसे नहीं मिली ? ऐसा अन्य कितने इस्लामी विश्वविद्यालयों में हो रहा है, अब इसकी जांच की जानी चाहिए !