Nashik Kumbhparv : कुंभपर्व हेतु पांच गुना अधिक भक्त आने की आशा, ₹२० सहस्र कोटि रूपयों के कार्य प्रगति स्थित पर

नाशिक कुंभपर्व हेतु महाराष्ट्र शासन की पूर्वसिद्धता आरंभ

नाशिक – प्रत्येक नाशिक कुंभपर्व में लाखों जनसमुदाय उपस्थित होता है । इस बार तथापि भक्तों की संख्या पांच गुना बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है । अतः समस्त भक्तों की सुरक्षा तथा सुविधाओं की समुचित व्यवस्था करने में शासन विशेष ध्यान दे रहा है । इस दृष्ट्रि से ₹२० सहस्र कोटि रूपयों के विविध कार्य प्रगति पर हैं— ऐसी सूचना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रदान की । वर्ष २०२७ में संपन्न होने वाले सिंहस्थ कुंभपर्व के लिए राज्यशासन ने वृहद् स्तर पर सिद्धता प्रारंभ की है । इसी पृष्ठभूमि में विविध कार्यों के भूमिपूजन प्रसंग में वे उद्बोधित कर रहे थे ।

१. कुंभपर्व के बोधचिह्न हेतु स्पर्धा की घोषणा
कुंभपर्व के बोधचिह्न के लिए स्पर्धा घोषित की गई है । २० नवम्बर से २० दिसम्बर तक आवेदन प्रस्तुत किए जा सकेंगे । बोधचिह्न स्पर्धा का प्रथम पारितोषिक ₹३ लाख है ।

२. नाशिक–त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ हेतु अल्पकालीन–दीर्घकालीन विकास आराखडा
नाशिक तथा त्र्यंबकेश्वर में सम्पन्न होने वाले सिंहस्थ कुंभपर्व को ध्यान में रखते हुए शासन ने अल्पकालीन तथा दीर्घकालीन विकास योजना निश्चित की है । इस अंतर्गत मार्गनिर्माण, जलापूर्ति, जलनिस्सारण, स्वच्छता, यातायात, सुरक्षा तथा साधु–संतों हेतु निवास-व्यवस्था सहित विविध सुविधाओं के लिए एकूण ₹५ सहस्र ७५७ कोटि रूपयों का प्रावधान किया गया है ।

नाशिक का रूप सौन्दर्य परिवर्तित करने का अवसर

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि नाशिक के रूप–परिवर्तन का महान अवसर कुंभपर्व के कारण प्राप्त हुआ है । इन विकासकार्यों से नगर अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं आधुनिक बनेगा । रामकुंड तथा गोदावरी नदी परिसर में स्वच्छता एवं जल-शुद्धिकरण पर विशेष बल दिया जाएगा ।

१ सहस्र ४०० एकड़ में साधुग्राम – भक्तों हेतु सुसज्ज व्यवस्था

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभमेले में १ सहस्र ४०० एकड़ क्षेत्र में साधुग्राम स्थापित किया जाएगा । यहां देशभर से आने वाले साधु–संतों के लिए सभी सुविधाओं सहित निवास-व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी । यह त्रिखण्डी कुंभमेळा २२ मासों का होगा । लाखों भक्तों तथा साधु–संतों के व्यवस्थापन हेतु प्रशासन को योजनाबद्ध निर्णय अनिवार्य है । प्रयागराज के कुंभपर्व के अनुभवों का उपयोग यहां किया जाएगा ।

डिजिटल कुंभ तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता-आधारित व्यवस्थापन

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कुंभपर्व के प्रसार हेतु ‘डिजिटल कुंभ’ यह नवीन संकल्पना घोषित की है । इसके अंतर्गत सर्व सूचना डिजिटल माध्यमों से भक्तों तक पहुंचाई जाएगी । उपमुख्यमंत्री ने कहा – ‘‘भीड़-नियंत्रण तथा कानून–व्यवस्था हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग किया जाएगा । सूचना तंत्र के माध्यम से अफवाह तथा मिथ्या सूचना रोकी जाकर सत्य सूचना का सुव्यवस्थित प्रसारण सुनिश्चित होगा ।’’