Air India Plane Crash : कर्णावती विमान दुर्घटना में विमान चालक की भूल होने की बात देश में किसी ने भी स्वीकार नहीं की ! – सर्वोच्च न्यायालय

विमान दुर्घटना में मृत्युमुखी हुए विमान चालक सुमित सभरवाल

नई दिल्ली – कर्णावती में १२ जून २०२५ के दिन हुई विमान दुर्घटना के लिए वैमानिक को उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता । देश में किसी ने भी यह नहीं माना कि विमान चालक से कोई भूल हुई थी । प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन में भी विमान चालक के विरुद्ध कोई आरोप नहीं है, ऐसा सर्वोच्च न्यायालय ने कहा । इस दुर्घटना में मृत्युमुखी हुए विमान चालक में से एक सुमित सभरवाल के ९१ वर्षीय पिता पुष्कर राज सभरवाल की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी की । उन्होंने इस दुर्घटना की स्वतंत्र जांच करने की मांग की है, जिस पर न्यायालय ने केंद्रीय शासन तथा नागर विमान परिवहन महानिदेशालय से उत्तर मांगा है । इस याचिका की अगली सुनवाई १० नवम्बर के दिन होनेवाली है । कर्णावती से लंदन जा रहा ‘एअर इंडिया’ का विमान ‘ए.आइ. १७१’ गिर कर हुई इस दुर्घटना में २४१ व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी , जिनमें २३० यात्री तथा १२ कर्मचारी सम्मिलित थे । इसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी सम्मिलित थे ।

विदेशी समाचारपत्रों का निकृष्ट वार्तांकन (समाचार) ! – अमेरिकी दैनिक पर न्यायालय की आलोचना

पुष्कर सभरवाल ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि अमेरिका के ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के एक समाचार में यह दावा किया गया है कि यह दुर्घटना विमान चालक की भूल के कारण हुई थी । उस समाचार में भारत शासन के एक अनाम स्रोत का उल्लेख किया गया है । तथापि खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि यह एक निकृष्ट समाचार है । (जो विमान गिरा था, वह अमेरिकी संस्थान का था । अतः उस संस्थान की कीर्ति धूमिल न हो, इस हेतु वहां के समाचारपत्र ने संस्थान का बचाव करने के लिए भारतीय विमान चालक पर आरोप लगाए, यह सर्वथा स्पष्ट है । – संपादक)