Mumbai SUNBURN : मुंबई में होनेवाले ‘सनबर्न’ महोत्सव के विरोध में जिलाधिकारी से शिकायत !

महाराष्ट्र में मादक पदार्थाें का महिमामंडन न हो ! – नशाविरोधी संघर्ष अभियान

मुंबई के जिलाधिकारी आचल सूद गोयल को ‘नशाविरोधी अभियान’के अंतर्गत ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कार्यकर्ता

मुंबई – मादक पदार्थाें की बिक्री तथा सेवन के कारण गोवा में अपकीर्त हुआ ‘सनबर्न’ महोत्सव दिसंबर महिने में मुंबई में होनेवाला है । गोवा के सनबर्न महोत्सव में एक युवति की मृत्यु हुई थी, साथ ही मादक पदार्थाें के वितरक को बंदी बनाया गया था । ऐसी गंभीर घटनाएं होकर भी मुंबई में सनबर्न महोत्सव के आयोजन की अनुमति दी गई है । ‘नशाविरोधी संघर्ष अभियान’ ने मुंबई के जिलाधिकारी से मादक पदार्थाें का अड्डा बने इस महोत्सव को अनुमति न दिए जाने की मांग की है । इसके अ ंअंतर्गत ३ नवंबर को मुंबई के जिलाधिकारी आचल सूद को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया ।

इस अवसर पर ‘नशाविरोधी संघर्ष अभियान’ की ओर से मिठीबाई महाविद्यालय के प्राध्यापक श्रीपाद सामंत, वांद्रे के नैशनल महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. लक्ष्मण जठार, सर्वश्री प्रभाकर भोसले, विनायक शिंदे, सुभाष अहिर, विलास निकम, सागर चोपदार, सतीश सोनार, श्रीमती धनश्री केळशीकर आदि उपस्थित थे । मुंबई के पुलिस सहआयुक्त (कानून व्यवस्था) सत्यनारायण चौधरी, अपर पुलिस आयुक्त अभिमन्यू देशमुख, ‘मुंबई पोर्ट ट्रस्ट’के संपदा प्रबंधक (इस्टेट मैनेजर) शिरसाट से भी भेंट की गई । इसके साथ ही नशाविरोधी संघर्ष अभियान की ओर से मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त को भी ज्ञापन प्रस्तुत किया गया ।

…इसलिए सनबर्न नहीं चाहिए !

१. वर्ष २००९ में गोवा के कांदोळी बीच पर आयोजित ‘सनबर्न’ महोत्सव में नेहा बहुगुणा नाम की २३ वर्षीय युवति की मृत्यु हुई थी ।

२. वर्ष २०१३ में गोवा के वागातोर बीच पर आयोजित ‘सनबर्न’ महोत्सव में मादक पदार्थविरोधी दल द्वारा की गई छापामारी में सौरभ अगरवाल नाम के मादक पदार्थाें के वितरक को पकडा गया था । उस समय सैकडों लोग सार्वजनिकरूप से हुक्का एवं चिलम पीते हुए दिखाई दिए ।

३. वर्ष २०१४ के सनबर्न महोत्सव में मुंबई की ‘फैशन डिजायनर’ ईशा मंत्री की मृत्यु हुई थी । मादक पदार्थाें के अतिसेवक के कारण उसकी मृत्यु होने की बात सामने आई ।

४. सनबर्न महोत् के आयोजन में मादक पदार्थाें के बिक्रेताओं में विदेशी लोग भी होते हैं । ये विदेशी लोग पारपत्र लेकर भारत आते हैं तथा यहां अवैधरूप से अपना व्यवसाय चलाते हैं । उन पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होती ।

सनबर्न महोत्सव स्थाईरूप से प्रतिबंध की मांग !

‘नशाविरोधी संघर्ष अभियान’ की ओर से यह मांग करते हुए कहा गया है कि सनबर्न महोत्सव महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा एवं अस्मिता को कलंकित करनेवाला है । उसके कारण समाज में व्यसनाधीनता बढानेवाले ऐसे महोत्सवों पर स्थाईरूप से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए । पुलिस एवं मादक पदार्थविरोधी दल को ऐसे आयोजकों पर निरंतर ध्यान रखना चाहिए । युवा पीढी को मादक पदार्थाें की खाई में ढकेल देनेवाला तथा पाश्चात्त्य विकृतियों की महिमामंडन करनेवाला यह महोत्सव महाराष्ट्र की भूमि में कभी भी नहीं होना चाहिए ।

संपादकीय भूमिका

  • पाश्चात्त्यों का अंधानुकरण कर युवा पीढी को दिशाहीन बनानेवाले ‘सनबर्न’ के विरोध में ज्ञापन प्रस्तुति करनी ही क्यों पडती है ? क्या प्रशासन युवा पीढी का हित-अहित नहीं जानता ? 
  • राष्ट्रहानि के विरोध में क्रियाशील होनेवाले ‘नशाविरोधी संघर्ष अभियान’के कार्यकर्ताओं का अभिनंदन !