विद्यार्थियों को मस्जिद एवं चर्च ले जाने वाले ईसाई विद्यालय के प्रधानाध्यापक तथा शिक्षक होंगे निलंबित !

भुसावल (जिला जलगांव) – सर्वधर्म समभाव के नाम पर विद्यार्थियों को विशिष्ट धार्मिक स्थलों पर अधिक समय तक ले जाने वाले भुसावल के ‘सेंट अलायसियस हाई स्कूल’ के विरुद्ध यहां के जिला परिषद के शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई की है । सरकार द्वारा प्रधानाध्यापक एवं मान्यता प्राप्त शिक्षकों को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया गया है ।

यहां के स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों को शैक्षिक भ्रमण के लिए मस्जिद एवं चर्च में अधिक समय तक ले जाया गया था, जबकि मंदिर में केवल 2 मिनट ही ले जाया गया था । मस्जिद में उन्हें चाय तथा जलपान भी दिया गया एवं कुछ जानकारी बताई गई थी । इस घटना के उपरांत भाजपा के राज्य परिषद सदस्य प्रमोद वामन सावकारे ने स्कूल के विरुद्ध परिवाद पंजीकृत किया था ।

जांच में प्रमुख अनियमितताएं उजागर

प्रशासन ने इस प्रकरण की जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति नियुक्त की थी । इस समिति ने ‘सेंट अलायसियस हाई स्कूल’ के प्रधानाध्यापक एवं संबंधित शिक्षकों को दोषी पाया । इस प्रकरण में विद्यालय ने निम्नलिखित अनियमितताएं की थीं :

१. विद्यालय ने अभिभावकों की अनुमति नहीं ली थी ।

२. विद्यार्थियों से भ्रमण के लिए शुल्क लिया गया था, परंतु उसका कोई लेखा (हिसाब) या लेखा-जोखा नहीं रखा गया था ।

३. प्रधानाध्यापक ने अधिकार न होते हुए भी भ्रमण की अनुमति दी थी ।

४. मस्जिद में ‘इस्लाम आतंक नहीं, आदर्श है’ नामक पुस्तक वितरित की गई थी ।

५. लडकियों को मुस्लिम लडकियों की भांति सिर पर बांधने के लिए ‘स्कार्फ’ लाने के लिए कहा गया था ।

६. विद्यार्थी गणवेश (यूनिफॉर्म) में नहीं थे तथा सुरक्षा संबंधी कागदपत्र (कागजात) भी उपलब्ध नहीं थे ।

७. इस प्रकरण में शीला सायमन, अमोल दांदळे, इरफान शेख, बर्नाड मॉरिस, मिशेल फर्नांडिस, आफशीन खान, कौलीन नेब एवं गुरजीतसिंग पदम इन शिक्षकों को दोषी ठहराया गया है । इन शिक्षकों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 7 दिनों के अंदर प्रस्तुत करना अनिवार्य है ।