धर्म की रक्षा के लिए प्राणों का बलिदान देने वाले इतिहास के ८० करोड हिन्दू पूर्वजों के लिए ‘सामूहिक तर्पण’ करें !

‘अयोध्या फाउंडेशन’ की अध्यक्ष मीनाक्षी शरण का सर्वपितृ अमावस्या के संदर्भ में देशभर के हिन्दुओं से आह्वान

नई दिल्ली – धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले ८० करोड हिन्दू पूर्वजों के सामूहिक तर्पण का आह्वान किया गया है । ‘अयोध्या फाउंडेशन’ नामक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन की अध्यक्ष मीनाक्षी शरण ने आनेवाली सर्वपितृ अमावस्या, यानी २१ सितंबर को यह सामूहिक तर्पण करने का देशभर के हिन्दुओं से आह्वान किया है । संगठन द्वारा इस तरह से पूर्वजों का सामूहिक तर्पण करने के इस उपक्रम का यह ९ वां वर्ष है ।

‘अयोध्या फाउंडेशन’ की अध्यक्ष मीनाक्षी शरण

मीनाक्षी शरण ने हिन्दुओं से आह्वान करते हुए कहा कि,

१. ७ वीं शताब्दी से, अर्थात जब से इस्लामी आक्रमणकारियों ने हिन्दुओं पर आक्रमण किया, तब से लेकर आज तक करोडों हिन्दुओं ने अपनी ‘हिन्दू’ पहचान बनाए रखने के लिए निरंतर संघर्ष किया । आवश्यकता पडने पर सब कुछ त्याग दिया, परंतु धर्मांतरण का मार्ग नहीं अपनाया ।

२. हिन्दुओं का नरसंहार यहूदी नरसंहार से २ सहस्र (हजार) गुना बडा है । यहूदियों ने अपने ऊपर हुए आक्रमणों के इतिहास को भुलाया नहीं; परंतु विश्व के आज के हिन्दुओं को भी गौरवशाली हिन्दू इतिहास के विषय में कुछ नहीं पता । इसी कारण हिन्दुओं को ‘हिन्दू’ होने पर गर्व नहीं है ।

३. सदियों के आक्रमणों एवं अत्याचारों के उपरांत भी, हिन्दू संस्कृति अभी भी हमारे दिलों, घरों, मंदिरों एवं उत्सवों में जीवित है । यदि उसमें कोई कमी है, तो वह गर्व से भरी आत्म-जागरूकता की है ।

४. धर्म की रक्षा के संघर्ष में करोडों हिन्दुओं को हिन्दू परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार करने का सौभाग्य नहीं मिला या शास्त्रों के अनुसार उनके लिए अनिवार्य ‘श्राद्ध-तर्पण’ किसी ने नहीं किया । जो लडते हुए मारे गए, लेकिन जिन्होंने धर्मांतरण स्वीकार नहीं किया, जिन्होंने अपनी हिन्दू पहचान को नष्ट नहीं होने दिया, उनके लिए हमने पिछले ९ वर्षों से १५ अगस्त को सामूहिक तर्पण की प्रतिज्ञा लेने तथा उसी वर्ष की सर्वपितृ अमावस्या को वास्तविक तर्पण करने का प्रारंभ किया ।

५. हिन्दू चेतना का पुनरुत्थान करना हम सभी का दायित्व है । इसे ध्यान में रखते हुए, सभी हिन्दू अपने-अपने स्थानों पर सामूहिक तर्पण विधि करें ।

अभियान में सम्मिलित होनेवाले संगठन !

‘हिन्दू जागरण मंच’ की हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश शाखाएं, हिन्दू जनजागृति समिति, सनातन प्रभात, हिन्दू युवा मोर्चा (छत्तीसगढ), हिन्दू रक्षक (मध्यप्रदेश), भारत रक्षक मंच (उज्जैन), शाश्वत हिन्दू फाउंडेशन (दिल्ली एवं मुंबई), ‘सारा भारत कश्मीर’, भारत रक्षण मंच, कश्मीरी ब्राह्मण फाउंडेशन, अरुंधती फाउंडेशन (पुणे), देव देवेश्वर संस्थान (पुणे), संवेदना संस्थान (हिमाचल प्रदेश), सिद्ध विद्या एसोसिएट्स (मुंबई), अमिता सचदेवा एंड एसोसिएट्स (दिल्ली), ‘अयोध्या फाउंडेशन’ की नैरोबी (केन्या) के साथ-साथ वाराणसी, प्रयागराज, लक्ष्मणपुरी, अमरोद, मुंबई शाखाएं जैसे विभिन्न शहरों से प्रत्येक वर्ष लाखों हिन्दू सहभाग ले रहे हैं । नासिक, पुणे, दिल्ली, ओडिशा, साथ ही विदेश में केन्या, इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया आदि शहरों में भी सामूहिक तर्पण विधि की जाती है ।

इस साल का तर्पण विधि कब करेंगे?

२१ सितंबर को सवेरे १० बजे हरिद्वार के चंडी घाट पर मुख्य तर्पण विधि का आयोजन किया गया है । शास्त्र-सम्मत मुहूर्त का पालन करना अत्यंत आवश्यक है । इसी कारण इस दिन ‘कुतूप’ मुहूर्त में सुबह ११.५० से दोपहर १२.३८ के बीच सामूहिक तर्पण विधि की जाएगी । मीनाक्षी शरण ने सभी हिन्दुओं से आह्वान किया है कि वे अपने क्षेत्र में इस पुण्य कार्य का आयोजन कर इस यज्ञ में आहुति दें एवं अपने पूर्वजों का ऋण चुकाएं ।