
मुंबई – पृथ्वी के इतिहास में पहली ही बार मॉन्सून हिमालय पार कर तिब्बत पहुंच गया है । इसके कारण विश्व में भयानक परिणाम होने की आशंका व्यक्त की जा रही है । इस असामान्य घटना ने वैज्ञानिकों का ध्यान आकर्षित कर लिया है । सामान्यतः मॉन्सून के बादल जब हिमालय पर्वत पर टकराने के उपरांत भारत की ओर वापस मुड जाते हैं तथा उसके भारत के पर्वतीय एवं मैदानी प्रदेशों में वर्षा होती है । मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जलवायु परिवर्तन के परिणाम अब पूरे हिमालय प्रदेश में सुस्पष्टता से दिखाई दे रहे हैं । आनेवाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकते हैं तथा उसके भयावह परिणाम दिखाई दे सकते हैं ।
१. ‘वाडिया इंस्टिट्यूट ऑफ हिमालयन जियॉलॉजी’के वैज्ञानिकों के दल ने लद्दाख की जंस्कर घाटी में कुछ चौंकानेवाले तथ्यों की खोज की है । इस संस्था के वैज्ञानिकों के अनुसार मॉन्सून का हिमालय पर्वत पार कर तिब्बत की ओर बढने की यह पहली ही घटना है । तिब्बत एक पठारीय प्रदेश है तथा जब इस प्रदेश में मुसलाधार वर्षा होगी, तो वह विनाश कराएगा । वर्षाऋतु में हिमालय के अनेक प्रदेशों में बर्फ गिरना आरंभ होने का देखकर वैज्ञानिकों ने आश्चर्य व्यक्त किया है ।
२. वैज्ञानिकों का यह कहना है कि सहस्रों वर्षाें से यह क्रम जारी है कि मॉन्सून के बादल हिमालय से टकराते हैं तथा भारत में बडा जलसंग्रह कराते हैं । वर्तमान वातावरण के कारण हिमालय के प्रदेश में मुसलाधार वर्षा हो रही है, जिससे विध्वंस हो रहा है । शोध के अनुसार मौसम गर्म बनता जा रहा है, जिससे बादल भी ऊंचे जा रहे हैं । बादल हिमालय से २ सहस्र मीटर ऊंचाई से आगे बढ रहे हैं । केदारनाथ जैसे प्रदेश में मुसलाधार वर्षा होने का यही कारण है ।
३. इस घटना के कारण हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब एवं जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में भीषण बाढ, बादल फटना तथा भूस्खलन के कारण बडी हानि हुई है तथा उसमें अनेक लोगों की मृत्यु हुई है ।
१० सहस्त्र से १ लाख लोगों की मृत्यु की आशंका ।
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