भारत एवं चीन पर 100% आयात शुल्क लगाने का यूरोपीय संघ का कडा विरोध !

  • भारत एवं चीन पर 100% आयात शुल्क लगाने के ट्रम्प के प्रस्ताव को ठुकराया

  • राजनीतिक दबाव के लिए व्यापार नीति का उपयोग न करने का अमेरिका को परामर्श

वाशिंगटन – यहां अमेरिका एवं यूरोपीय संघ के अधिकारियों की बैठक में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक चौंकानेवाला प्रस्ताव रखा । उन्होंने सुझाव दिया कि यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए भारत एवं चीन पर 100% आयात शुल्क लगाया जाए । ट्रम्प के अनुसार, ‘भारत रूस से बडी मात्रा में तेल खरीदता है तथा चीन रूस की अर्थव्यवस्था को सहायता करता है । इसलिए इन देशों पर आर्थिक दबाव डालने पर रूस को निर्बल किया जा सकता है ।’ जबकि, यूरोपीय संघ ने इस प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से निरस्त करते हुए अमेरिका को राजनीतिक दबाव के लिए व्यापार नीति का उपयोग न करने का परामर्श दिया है । यूरोपीय संघ का मानना है कि शुल्क युद्ध प्रतिबंध लगाने का सही साधन नहीं है । यूरोपीय संघ वर्तमान में रूस पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है तथा रूस का समर्थन करनेवाली कुछ विदेशी कंपनियों को निशाना बनाने पर विचार चल रहा है ।

विशेषज्ञों के अनुसार, यूरोपीय संघ वैश्विक व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला एवं ऊर्जा कीमतों पर विचार कर रहा है । भारत एवं चीन जैसे बडे व्यापारिक भागीदारों पर सीधे शुल्क लगाने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बडा झटका लग सकता है । इसलिए, यूरोपीय संघ व्यापार क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने का प्रयास कर रहा है ।

संपादकीय भूमिका

एक ओर अमेरिका कहता है कि ‘भारत हमारा मित्र है,’ वहीं दूसरी ओर स्वयं भारत पर 100% आयात शुल्क लगाकर ऊपर से यूरोपीय संघ को भी ऐसा करने के लिए विवश करने का प्रयास करता है । इससे अमेरिका का दोहरापन दिखाई देता है । ऐसे में भारत को भी अमेरिका के साथ ‘जैसे को तैसा’ व्यवहार करना आवश्यक है !