

पुणे (महाराष्ट्र) – सनातन के साधक श्री. रवींद्र गोंधळेकर (आयु ८० वर्ष) सनातन के १३४वें व्यष्टि संतपद पर, जबकि साधिका श्रीमती वर्षा भिडे (आयु ७३ वर्ष) के सनातन संस्था के १३५वें व्यष्टि संतपद पर विराजमान होने की घोषणा सनातन संस्था की धर्मप्रचारक सद्गुरु स्वाती खाडयेजी ने पुणे के सातारा मार्ग में संपन्न एक अनौपचारिक समारोह में की ।
इस अवसर पर सनातन संस्था की संत पू. (श्रीमती) मनीषा पाठकजी, साथ ही पू. रवींद्र गोंधळेकरजी, पू. श्रीमती वर्षा भिडेजी तथा कुछ साधक उपस्थित थे । यह शुभ समाचार सुनते ही सभी साधकों की भावजागृति हुई । ‘इस समारोह के माध्यम से श्री गणेश ने साधकों को श्री गणेश चतुर्थी का कृपाप्रसाद ही प्रदान किया है’, यह सभी साधकों ने अनुभव किया ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?